नई दिल्ली
पेट्रोल-डीजल और गैस के दाम में तेजी तब तक रह सकती है जब तक कि क्रूड के दाम में कमी न आए, यह स्वाभाविक है। ऐसे में भारत सरकार क्रूड का दाम 70 डॉलर प्रति बैरल तक कराने के लिए तेल उत्पादक देशों के साथ बातचीत कर रही है। सरकार का कहना है कि अगर क्रूड इससे महंगा रहता है तो उन पर नेगेटिव असर होगा क्योंकि इससे ग्लोबल इकोनॉमिक रिवाइवल में सुस्ती आएगी। क्रूड की मांग घटेगी, जिस पर इलेक्ट्रिक व्हीकल के बढ़ते इस्तेमाल के चलते पहले से ही दबाव बन रहा है। ये बातें सत्ता पक्ष के एक पॉलिसी मेकर ने कही है।