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जयपुर निवासी कृष्ण गढवाल का साइकिलिंग के प्रति जुनून

62 साल की उम्र में साइकिल पर 1100 किलोमीटर का सफर तय कर पहुंचे हनुमानगढ़

  • करीब 1500 किलोमीटर तक का सफर तय करने का लक्ष्य, सहपाठी रहे दोस्तों ने किया स्वागत
    हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)।
    जयपुर निवासी कृष्ण गढवाल का साइकिलिंग के प्रति जुनून व जोश इस कदर है कि वे 62 साल की उम्र होने के बावजूद भी सैकड़ों किलोमीटर तक का सफर साइकिल पर तय कर देते हैं। मूलत: श्रीगंगानगर जिले की श्रीकरणपुर तहसील के गांव मुकन निवासी गढवाल फिलहाल साइकिल पर जयपुर से रवाना हुए हैं और अब तक 1100 किलोमीटर का सफर तय कर चुके हैं। इस सफर के दौरान वे शुक्रवार सुबह हनुमानगढ़ पहुंचे। उनके सहपाठी रहे शहर के गणमान्य नागरिकों की ओर से कृष्ण गढवाल का टाउन में फतेहगढ़ मोड पर माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। दो साल पहले राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम लिमिटेड (एनटीपीसी) से सेवानिवृत्त हुए कृष्ण गढवाल ने बताया कि उनका साइकिलिंग का शोक सेवानिवृत्ति के बाद लॉकडाउन के दौरान शुरू हुआ। उन्होंने जयपुर के आसपास के क्षेत्र में 100 से 150 किलोमीटर तक साइकिलिंग की। पहले उनका मिशन साइकिल पर कोटा जाने का था। तब वे 1 जुलाई से 5 जुलाई तक जयपुर से करीब 650 किलोमीटर दूर कोटा साइकिल पर गए थे। गढवाल ने बताया कि अब वे 14 अक्टूबर की शाम को साढ़े छह बजे जयपुर से साइकिल पर रवाना होकर किशनगढ़, ब्यावर, जैतारण, जोधपुर, ओसियां, फलौदी, बाप, पूगल, छत्तरगढ़, घड़साना, अनूपगढ़, रायसिंहनगर, गजसिंहपुर, पदमपुर, श्रीगंगानगर होते हुए हनुमानगढ़ पहुंचे हैं। हनुमानगढ़ से सरदारशहर होते हुए सालासर जाएंगे। सालासर में दर्शन करने के बाद सीकर होते हुए वापस जयपुर जाएंगे। साइकिल पर उनका यह करीब 1500 किलोमीटर का सफर होगा। हनुमानगढ़ तक करीब 1100 किलोमीटर तक साइकिलिंग कर चुके हैं। गढवाल के अनुसार साइकिलिंग पर भ्रमण कर यह सन्देश देना है कि साइकिल चलाना स्वास्थ्य के लिए तो फायदेमंद है ही पर्यावरण भी सुरक्षित रहता है। इसके अलावा अगर वे आज 62 साल की उम्र में भी साइकिलिंग कर रहे हैं क्योंकि उन्होंने आज तक कभी नशा नहीं किया। आज की युवा पीढ़ी जो नशे की गर्त में धंस रही है, उन्हें भी साइकिलिंग के जरिए यह सन्देश देना है कि नशे से दूर रहें। अधिकाधिक साइकिल चलाएं। खेलों में हिस्सा लें ताकि वे अपनी जिन्दगी को और बेहतर बना सकें। इसके अलावा गढवाल का कहना था कि आज पेट्रोल-डीजल के दाम काफी बढ़ गए हैं। अगर लोग कार्यस्थल या बाजार आदि जाने के लिए दुपहिया या चौपहिया की जगह साइकिल का प्रयोग करें तो रोजाना तेल पर खर्च होने वाले डेढ़ सौ-दो सौ रुपए की बचत हो सकती है। वहीं गढवाल के क्लासमेट रहे हनुमानगढ़ निवासी नगर परिषद के सेवानिवृत्त अधिकारी राजेन्द्र स्वामी ने कहा कि कृष्ण गढवाल का हमेशा की खेलों की तरफ आकर्षण था। सितम्बर 2019 में सेवानिवृत्त होने के बाद इन्होंने साइकिलिंग को अपनी जिन्दगी का हिस्सा बना लिया। अपने साथी गढवाल से प्रेरित होकर वे भी साइकिल पर इनके साथ सालासर जा रहे हैं। वापस भी साइकिल पर आएंगे। स्वामी के अनुसार वे अपने साथी कृष्ण गढवाल से प्रेरित होकर पिछले कुछ दिनों से दुपहिया या चौपहिया की जगह साइकिल चला रहे हैं। गढवाल का स्वागत करने वालों में महेन्द्र बिजारणिया, रायसिंह सहू, कुलदीप सिंह आदि शामिल थे।

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