नई दिल्ली
मोटापा दुनियाभर के लिए ऐसी महामारी में तब्दील होता जा रहा है, जिसकी रोकथाम के लिए उपाय तो आसान हैं, किसी वैक्सीन की भी जरूरत नहीं, लेकिन इसपर नियंत्रण फिर भी कठिन है। खाने-पीने का कल्चर अब ग्लोबल हो चुका है। साथ ही ज्यादातर देशों में प्रतिव्यक्ति आय भी तेजी से बढ़ी है। हालांकि भारत में मोटापे की खास वजह खान-पान की बजाय बदली जीवनशैली अधिक है। हम पहले से कहीं ज्यादा मशीनों के अधीन हुए हैं, हमारे खाने-पीने के समय और तरीकों में बदलाव आया है और सबसे खास बात, हमारी फिजिकल एक्टिविटी बहुत कम हो गई है। इन तमाम कारणों ने मोटापे को भारतीयों के लिए भी बड़ी समस्या बना दिया है। मुश्किल यह है कि मोटापा कभी अकेला नहीं आता। इसके साथ हाई बीपी, डायबिटीज, हार्मोन्स में असंतुलन, ह्रदय रोग आदि भी आते हैं। इतना ही नहीं, बढ़ा हुआ वजन आपके दिमाग पर भी बहुत बुरा असर डालता है। आखिर तो शरीर और दिमाग एक-दूसरे से कनेक्टेड हैं ही। इसलिए दिमाग पर भी छा जाता है मोटापा।
वैसे मोटापा पूरे शरीर के लिए नुकसानदायक है। अनियंत्रित मोटापा हड्डियों से लेकर किडनी, लिवर, हृदय सहित हर अंग के लिए गंभीर खतरा बन सकता है और दिमाग को ये तकलीफ में डाल सकता है।