जम्मू
कश्मीर के इतिहास में 27 अक्टूबर 1947 का दिन विशेष महत्व रखता है। 26 अक्टूबर 1947 को महाराजा राजा हरि सिंह ने जम्मू-कश्मीर के भारत में विलय के दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए थे। इसके अगले दिन भारत ने कश्मीर को कबायलियों से आजाद कराने के लिए अपनी सेना उतार दी थी। हर साल 27 अक्टूबर को भारतीय सेना इन्फेंट्री डे के रूप में मनाती है। लेकिन इस बार खास बात यह रही कि मंगलवार को श्रीनगर में भारतीय वायु सेना की एयरबेस पर 1947 में पाकिस्तान के आक्रमण से जम्मू-कश्मीर को बचाने के लिए भारतीय सेना के श्रीनगर में हवाई इन्वेंशन के 75 साल पूरे होने का जश्न मनाया गया। पूरी तरह से उन दृश्यों को दोहराया गया जैसे उस समय की लैंडिंग के दौरान हुए थे। इसके अलावा स्काई डाइविंग और हेली बोर्न ऑपरेशन के साथ सुखोई-30 लड़ाकू विमानों ने हवाई दमखम दिखाया। सबसे पहले सेना की 4 पैरा स्पेशल फोर्सेज की टीम ने 9000 फीट की ऊंचाई से पैरा ड्रॉपिंग की गई। इस टीम को मेजर अभिशेख जैस्वाल लीड कर रहे थे, जबकि बाकी के सदस्य नायक गंगा, नायक मनोज नेगी, नायक सुनील, नायकसूरज छेत्री और नायक ईटी लोथा शामिल थे। इस टीम ने काफी समय तक आसमान में बिताते हुए सेफ लैंडिंग की, जिसे लोगों ने तालियों के साथ स्वागत किया। इसके बाद उस समय महाराजा हरि सिंह और ब्रिगेडियर राजिंदर सिंह के बीच की बातचीत, बारामुला में कबायलियों द्वारा सेंट जोसफ अस्पताल की नन के साथ बदसलूकी, मदबूल शेरवानी द्वारा कबायलियों को गलत रास्ता दिखाने के दृश्यों को नाटकीय तौर पर दर्शाया गया।