सोनीपत
किसान आंदोलन की अगुवाई कर रहे संयुक्त किसान मोर्चे के नेताओं ने रविवार को केंद्र सरकार को चेतावनी दी है। किसानों को दिल्ली में घुसने से रोकने के लिए बंद किए गए बॉर्डर जबरदस्ती खोलने की कोशिशों पर किसान नेता भड़क गए हैं। राकेश टिकैत, गुरनाम चढ़ूनी और जगजीत डल्लेवाल ने केंद्र सरकार को कोई भी हरकत करने पर अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहने को लेकर आगाह किया।
किसान नेता राकेश टिकैत ने रविवार को ट्वीट कर कहा, ‘किसानों को अगर दिल्ली के बॉर्डरों से जबरन हटाने की कोशिश हुई तो वे देशभर में सरकारी दफ्तरों को गल्ला मंडी बना देंगे।’ उधर, भारतीय किसान यूनियन की हरियाणा इकाई (चढ़ूनी ग्रुप) के प्रदेश अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने केंद्र सरकार और भाजपा को चेतावनी देते हुए कहा कि किसानों को छेड़ने की कोशिश की तो इस बार दिवाली नई दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास पर मनाएंगे।
किसान जगजीत सिंह डल्लेवाल ने भी कहा कि सिंघु, टिकरी और गाजीपुर बॉर्डर खोलने का कोई भी फैसला आधा-अधूरा नहीं होगा। जो होगा उसमें सबकी सहमति होगी।