बीकानेर. देव उठनी एकादशी से शादी-विवाह आदि मांगलिक कार्यक्रमों का आगाज होगा। चातुर्मास के बाद इस दिन मान्यता अनुसार देव उठेंगे और मांगलिक कार्यक्रमों की शुरुआत होगी। इस दिन 14 नवंबर को अबूझ मुहूर्त होने के कारण शहर से ग्रामीण क्षेत्रों तक बड़ी संख्या में शादी-विवाह के कार्यक्रम होंगे। ज्योतिषाचार्य पंडित राजेन्द्र किराडू के अनुसार चातुर्मास के बाद देव उठनी एकादशी से मांगलिक कार्यक्रमों की शुरुआत होती है। इस दिन अबूझ मुहूर्त में बड़ी संख्या में विवाह आदि मांगलिक कार्यक्रम होते है। पंडित किराडू के अनुसार 14 नवंबर से 11 दिसंबर तक कई श्रेष्ठ मुहूर्त है, जिनमें शादी-विवाह के मांगलिक कार्यक्रम होंगे।
विवाह के श्रेष्ठ मुहूर्त
पंडित किराडू के अनुसार देव उठनी एकादशी के साथ नवंबर में 20,21 और 28 नवंबर तथा दिसंबर में 1,7 और 11 दिसंबर शादी के लिए श्रेष्ठ मुहूर्त है। वहीं जनवरी 2022 में 22,23 और 25 जनवरी तथा फरवरी में 5,9,10,16,18,19 फरवरी शादी-विवाह के लिए श्रेष्ठ मुहूर्त है।
एक माह तक वर्जित रहेंगे मांगलिक कार्यक्रम
पंडित किराडू के अनुसार मलमास की शुरुआत 15 दिसंबर से होगी। 14 जनवरी 2022 को मलमास की पूर्णाहुति होगी। इस पूरे माह मांगलिक कार्यक्रम वर्जित रहेंगे। इस दौरान यज्ञोपवित संस्कार, प्रतिष्ठा, नींव मुहूर्त, नए प्रतिष्ठान के मुहूर्त निषेद्ध रहेंगे।
बाजारों में चल रही खरीदारी
देव उठनी एकादशी से मांगलिक कार्यक्रम शुरू होने को लेकर जिन परिवारों में शादी-विवाह आदि के आयोजन होने है, वहां तैयारियां चल रही है। शादी आदि को लेकर बाजारों में खरीदारी शुरू हो गई है। भवन, घोड़ी, रथ, बाजा, डीजे, हलवाई, टैंट सामान आदि की बुकिंग का कार्य हो चुका है।