जयपुर
विधानसभा के इतिहास में रविवार को पहली बार बाल सत्र हो रहा है। देश-प्रदेश से 200 बच्चे विधायक और मंत्रियों की भूमिका में विधानसभा पहुंचे हैं। बच्चों को मुख्यमंत्री, नेता प्रतिपक्ष, मंत्री और विधायक की भूमिका दी गई है। सदन में बच्चों के बैठने की व्यवस्था भी उसी हिसाब से की गई है। इस दौरान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की पोती काश्विनी ने सभी का ध्यान खींचा। वे भी विधायक के तौर पर विधानसभा में शामिल हुईं।
काश्विनी को आगे मंत्रियों वाली सीटों पर जगह दी गई थी। उसने स्कूली बच्चों को वन्य जीवन और पर्यावरण से परिचित करवाने के लिए जंगल के टूर पर ले जाने का सुझाव दिया। काश्विनी ने कहा कि स्कूली बच्चों को जंगली जानवरों और पर्यावरण की जानकारी देने के लिए स्कूलों की तरफ से टूर आयोजित करवाने चाहिए। जंगलों के आसपास रहने वालों को जंगली जानवरों और खासकर बाघ संरक्षण के लिए जागरूक करें। वाइल्ड लाइफ को स्कूली पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाना चाहिए। जंगलों के आसपास रहने वालों का जीवन बहुत कठिन होता है। इन दुर्गम इलाकों के बारे में स्कूली बच्चों को परिचित करवाना चाहिए।