सीमा सन्देश न्यूज
श्रीगंगानगर। फौजीदारी प्रकरण में न्यायालय द्वारा सुनाए गए फैसले के विरूद्ध मुलजिम द्वारा अपर न्यायालय में अपील करने के बाद भी उसे राहत नहीं मिली।
न्यायालय ने निचली अदालत का फैसला बरकरार रखते हुए मुलजिम को सजा आदेश की पालना के लिए जेल भेजने के आदेश दिए हैं। मामले के अनुसार नानक राम पुत्र गोपाल राम निवासी रामदेव कॉलोनी को वर्ष 2016 में दायर वाद पर विशिष्ट न्यायिक मजिस्ट्रेट (एन आई एक्ट प्रकरण) संख्या दो ने 29 जनवरी 2018 को एक साल कारावास और जुर्माने से दण्डित किया था। इसके विरूद्ध मुलजिम द्वारा 17 फरवरी 2018 को अपर सेशन न्यायाधीश संख्या दो में अपील दायर की थी।
मामले के अनुसार भगवानाराम पुत्र रामस्वरूप निवासी साधुवाली ने नानक राम के विरूद्ध एनआईएक्ट न्यायालय में वाद दायर किया।
इसमें बताया कि नानक राम ने एक लाख 70 हजार रूपए उधार लिए। इसके एवज में उसने स्व हस्ताक्षर किया हुआ एक चैक 30 जुलाई 2016 को दिया। जिसे निर्धारित अवधि पर कैश करवाने के लिए बैक में लगाया। इसे बैंक ने धनाभाव में अनादृत कर दिया। 8 अगस्त 2016 को अधिवक्ता के मार्फत वैधानिक नोटिस भेज पैसों का तकाजा किया। नानक राम ने पैसे नहीं लौटाए।
न्यायालय ने मामले का निस्तारण करते हुए नानक राम को एक वर्ष करावास और 2 लाख 10 हजार रूपए जुर्माने और जुर्माना राशि नहीं देने पर 15 दिन अतिरिक्त कारावास से दण्डित किया।
इसके विरूद्ध मुलजिम नानक राम द्वारा एडीजे संख्या दो के समक्ष सजा स्थगन के लिए अपील दायर की जिसे न्यायालय ने अस्वीकृत कर दिया। न्यायालय ने मुलजिम द्वारा जुर्माना राशि जमा करवाने के बाद नियमानुसार परिवादी को अदा की जावेगी।