नई दिल्ली
नोटबंदी के बाद से भारत में डिजिटल रूप से लेनदेन करने वालों की संख्या में काफी वृद्धि हुई है। इस कारण भारत में पेटीएम, फोन पे, मोबिक्विक जैसी कंपनियों को एक बड़ा बाजार मिला। एक समय ऐसा था जब लोग डिजिटल रूप से लेन देन करने के लिए काफी घबराते थे। वहीं आज के समय में डिजिटल भुगतान भी सामान्य तौर पर की जाने वाली लेन देन जैसा ही आम हो गया है। भारत में बड़े पैमाने पर हो रही डिजिटल भुगतान को रेगुलेट करने के लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया अक्सर कई नियम लेकर आता रहता है। इसी कड़ी में चौथी द्विमासिक मौद्रिक नीति को पेश करते हैं हुए शक्तिकांत दास ने भारत में हो रही डिजिटल पेमेंट को लेकर एक बड़ी जानकारी दी है, जिसका एक बड़ा असर डिजिटल रूप से पेमेंट करने वाले लोगों के ऊपर होगा।