जम्मू
घाटी में चिल्ले कलां शुरू होने से पहले ही इस बार जम्मू-कश्मीर में ठंड से कांप गया है। जम्मू में शनिवार को 2.3 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। दिसंबर महीने के दौरान जम्मू में 14 साल बाद इतना तापमान गिरा है।
इससे पहले 31 दिसंबर 2007 को 2.3 डिग्री पारा रिकॉर्ड किया गया था। उधर, श्रीनगर में माइनस छह डिग्री तापमान के साथ शनिवार को सीजन की सबसे ठंडी रात रही। कश्मीर के अन्य जिलों में भी पारा शून्य से नीचे चला गया है।
श्रीनगर की मशहूर डल झील के साथ नदी-नाले जमने शुरू हो गए हैं। कड़ाके की ठंड के चलते कश्मीर के साथ जम्मू में भी जन जीवन प्रभावित हो गया है। पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के कुछ पर्वतीय क्षेत्रों में हिमपात हुआ है, वहीं मैदानी क्षेत्रों में कोहरे से दुश्वारियां बढ़ गई हैं। मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के अनुसार जम्मू- कश्मीर में 22 दिसंबर तक मौसम ऐसा ही रहने के आसार हैं। रात के तापमान में और गिरावट आ सकती है।
मौसम विभाग के अनुसार पिछले 10 वर्षों में यह दूसरी बार है कि चिल्ले कलां से पहले श्रीनगर में न्यूनतम तापमान शून्य से इतना नीचे गया। इससे पहले 19 दिसंबर, 2020 को श्रीनगर का न्यूनतम तापमान माइनस 6.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
इसके अलावा पिछले 10 वर्षों में दिसंबर के महीने में सबसे कम तापमान 28 दिसंबर, 2018 को दर्ज किया गया था जब पारा माइनस 7.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिसंबर में अब तक सबसे कम तापमान 13 दिसंबर, 1934 को – 12.8 डिग्री रिकॉर्ड किया गया है। शनिवार सुबह विश्व प्रसिद्ध श्रीनगर की डल झील के हिस्से जम गए हैं। गुलमर्ग से पहले द्रंग में वॉटरफॉल के अलावा कई जल स्रोत जम गए हैं।