जालोर
काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की भव्यता के चर्चे आजकल हर जुबान पर हैं। इसमें सागवान की लकड़ी से बने कई टन वजनी दरवाजे चार चांद लगा रहे हैं। दरअसल प्रधानमंत्री मोदी चाहते थे कि कॉरिडोर के दरवाजे भी भव्य हों, इसलिए राजे-रजवाड़ों की धरती राजस्थान के कारीगरों को इसे बनाने का काम दिया गया। इन्हें बनाने के लिए जालोर के 35 कारीगरों ने ढाई महीने तक 18-18 घंटे काम किया। इनकी नक्काशी देखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कारीगरों की खूब तारीफ की।
काशी विश्वनाथ कॉरिडोर में 6 दरवाजे लगाए गए हैं। इन दरवाजों को बनाने का जिम्मा अहमदाबाद की PCP कंपनी को दिया गया था। उसने इसका काम जालोर के कालूराम सुथार को दिया। सुथार ने अपनी टीम के साथ मिलकर ये दरवाजे तैयार किए। ऐसे 4 दरवाजे कॉरिडोर में अंदर जाने या बाहर निकलने वाले रास्तों पर हैं। सभी दरवाजों का वजन और लंबाई-चौड़ाई एक जैसी है।