देश में ओमिक्रॉन के बढ़ते मामलों के बीच भारत के टॉप हेल्थ एक्स्पर्ट्स ने कहा है कि नया वैरिएंट कोरोना की नेचुरल वैक्सीन की तरह काम करता है। इसका कारण- मरीजों में माइल्ड या कोई लक्षण न होना है। ओमिक्रॉन से संक्रमित होने पर लोग गंभीर रूप से बीमार नहीं होते और वायरस के खिलाफ शरीर में एंटीबॉडीज बन जाती हैं। इम्यूनोलॉजिस्ट डॉ. गोवर्धन दास के मुताबिक, ओमिक्रॉन डेल्टा का ही माइल्ड रूप है। भले ही इस वैरिएंट में म्यूटेशन्स ज्यादा हैं, लेकिन ये बहुत ही कम लोगों को अस्पताल पहुंचा रहा है।