नागौर
भीलवाड़ा में दो कॉन्स्टेबल की हत्या करने वाला कुख्यात तस्कर राजू फौजी आखिरकार पकड़ा गया। आठ महीने से तस्कर को पकड़ने के लिए पुलिस लगातार छापे मार रही थी, लेकिन राजू फौजी इतना शातिर है कि हर बार पुलिस के पहुंचने से पहले फरार हो जाता। शनिवार को जब पुलिस पकड़ने गई तो उसने फायरिंग कर दी। पुलिस की जवाबी फायरिंग में उसके दोनों पैरों में गोली लग गई। राजू फौजी पुलिस के लिए सरदर्द बना हुआ था। 10 अप्रैल को भीलवाड़ा में 2 कॉन्स्टेबल की हत्या के बाद से तस्कर फरार था। पुलिस ने 1 लाख रुपए का इनाम भी रखा। लेकिन वो खुलेआम पुलिस को धमकी देता या तो मरेंगे या मारेंगे। इस बीच लॉरेंस विश्नोई के साथ वह हरियाणा के दूसरे बदमाशों के कॉन्टैक्ट में आया और अपनी गैंग का दायरा बढ़ा दिया। राजस्थान में डोडा-पोस्त की तस्करी का सरगना बन गया। फौजी के खिलाफ बाड़मेर, जोधपुर, जालोर, नागौर, जैसलमेर और बीकानेर में दर्जन से ज्यादा मामले दर्ज हैं।