Friday, May 1निर्मीक - निष्पक्ष - विश्वसनीय
Shadow

बीकानेर पीएम आवास बनाने में देश में आठवें स्थान पर

बीकानेर. ग्रामीण क्षेत्रों के जरुरतमंद लोगों को आवास उपलब्ध करवाने में बीकानेर जिला प्रधानमंत्री आवास योजना की देशव्यापी रैंकिंग में आठवें स्थान पर रहा है। वहीं 97.58 अंकों के साथ प्रदेश में पांचवा स्थान रहा है। पीएम आवास योजना को लेकर जारी रैंकिंग सूची में बीकानेर संभाग में बीकानेर जिला पहले स्थान पर है। जिले में स्वीकृत 49062 आवासों में से 44094 का लक्ष्य प्राप्त कर लिया गया है। जबकि 4968 आवास का निर्माण होना बाकी है। योजना के तहत रैंकिंग में बीकानेर जिले को ओवर ऑल 98.53 अंक प्राप्त हुए थे। लेकिन आवास निर्माण में देरी के चलते .95 अंको की कटौती भी हुई है। रैंकिंग में बीकानेर संभाग के जिले श्रीगंगानगर का देश में 12 वां स्थान, हनुमानगढ़ का 33 और चूरू का 72 वांं स्थान रहा है।

1.40 लाख की लागत
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत एक आवास पर 1.40 लाख रुपए की लागत आती है। इसमें एक कमरा, एक रसोई, एक शौचालय का निर्माण होता है। जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ओम प्रकाश के अनुसार 25 वर्ग मीटर में आवास का निर्माण होता है। इस योजना में 1.20 लाख रुपए योजना से और 90 दिन का मस्टरोल मनरेगा से मिलता है, जो लगभग 20 हजार रुपए होता है। लाभार्थी को तीन किश्तों में भुगतान किया जाता है।

प्रभावी मॉनिटरिंग से हुआ संभव
पीएम आवास योजना के तहत जिले को देशभर में मिली आठवीं रैंकिंग इस योजना के तहत की गई प्रभावी मॉनिटरिंग और सतत प्रयासों के कारण संभव हुई है। अधिशाषी अभियंता यशपाल पूनिया के अनुसार जिला कलक्टर नमित मेहता ने हर सप्ताह प्रधानमंत्री आवास योजना को गंभीरता से लेते हुए प्रभावी मॉनिटरिंग की और अधिकारियों-कर्मचारियों को कार्य के प्रति प्रेरित करते रहे। वहीं सीईओ ओम प्रकाश के दिशा-निर्देशों में विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों ने टीम वर्क के रूप में कार्य कर इस योजना के तहत प्रभावी कार्य किया।

वर्ष 2011में हुआ था सर्वे
वर्ष 2011में हुए सामाजिक, आर्थिक सर्वे के अनुसार जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में 57 हजार परिवारों को सूचीबद्ध किया गया था। इसमें से 49062 प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पात्र पाए गए। वर्ष 2016-17 से 2020-21 तक लक्षित 49062 आवासों में से 44094 आवास का काम पूरा हो चुका है।

हर दिन का टारगेट तय
देश में आठवी रैंकिंग प्रभावी मॉनिटरिंग और फील्ड में स्टाफ की कड़ी मेहनत के कारण संभव हुआ है। अधिकतम घरों को समय पर पूरा करवाया गया है। शेष आवास जल्द पूरे हो इसके लिए ब्लॉक अनुसार प्रतिदिन का टारगेट निर्धारित किया गया है ताकि जल्द से जल्द बकाया आवास पूरे हो सके। ब्लॉक अनुसार एक-एक अधिकारी भी नियुक्त किए गए है, जो एक महीनें में दो बार योजना की प्रगति की समीक्षा करेंगे और सामने आ रही समस्याओं का निस्तारण करेंगे।
ओम प्रकाश, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद, बीकानेर।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *