मुंबई
कलेक्टिव इन्वेस्टमेंट स्कीम (CIS) चलाने वाली कंपनियों पर अब लगाम की तैयारी हो रही है। मार्केट रेगुलेटर सेबी इस तरह की योजना बना रही है। यह पहली बार होगा, जब इस सेक्टर पर नियम लागू किए जाएंगे।
पहली बार बदलाव की तैयारी
जानकारी के मुताबिक, सेबी ने पहली बार सामूहिक निवेश योजनाओं यानी CIS के नियमों में बदलाव करने का प्रस्ताव रखा है। CIS क्लोज्ड एंडेड निवेश सेक्टर में एक पूल्ड इन्वेस्टमेंट साधन माना जाता है। इस स्कीम्स की यूनिट्स को एक्सचेंज पर लिस्ट किया जाता है। इसमें एक निवेशक द्वारा कोई न्यूनतम निवेश सीमा नहीं होती है। रिटेल इन्वेस्टर CIS के लिए प्राइमरी टारगेट इन्वेस्टर होते हैं।
1999 में नियमों को नोटिफाई किया गया था
CIS नियमों को 1999 में नोटिफाई किया गया था और तब से आज तक इसकी कोई समीक्षा नहीं की गई है। शुक्रवार को एक चर्चा में सेबी ने कहा कि रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए उपलब्ध विभिन्न पूल्ड इनवेस्टमेंट साधन के बीच किसी भी रेगुलेटरी मध्यस्थता (arbitrage) को हटाने के लिए यह महत्वपूर्ण है कि नियामक आवश्यकता (regulatory requirement) को म्यूचुअल फंड के साथ गठबंधन किया जाना चाहिए।