सीमा सन्देश न्यूज
श्रीगंगानगर। जिले में उपभोक्ता लंबे समय से नियमित बिजली का उपयोग कर रहे हैं। परन्तु जब बिजली का बिल जमा नहीं होता तो ऐसे उपभोाक्ताओं के कनेक्शन विद्युत निगम द्वारा काटे जा रहे है, लेकिन विद्युत निगम की यह सख्ती सरकारी कार्यालयों पर नहीं चल पाती। इसलिए प्रशासन सहित कई सरकारी विभागों/कार्यालयों पर बिजली बिल के एवज में करोड़ों रुपए बकाया है और इसे लेने में निगम को पसीने आ रहे हैं। जिले में लगातार बढ़ रही डिस्कॉम की उधारी के चलते अभियंताओं का सर्विस रिकॉर्ड (एसआर) भी बिगाड़ रहा है। ऐसे में अधिकारी किसी ने किसी तरह इन विभागों से वसूली के लिए काम कर रहे है। निगम अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार जिले में सरकारी विभागों में बिजली बिलों के करीब 1483.10 लाख रुपए बकाया हैं। इसमें प्रशासन से लेकर, केन्द्र सरकार के उपक्रम, पीएचईडी, पंचायती राज, पुलिस विभाग, नगर निगम और अन्य सरकारी विभाग शामिल है। फील्ड में रहने वाले अभियंताओं का कहना है कि सरकारी महकमों में कार्रवाई होते ही विवाद शुरू हो जाता है।
विभागीय सूत्रों का कहना है कि ज्यादातर विभाग बिजली बिलों को अपनी अंतिम प्राथमिकता मानते हैं। इसके लिए मिले बजट को अन्य जगहों पर खर्च कर दिया जाता है, क्योंकि उन्हें पता होता है कि सरकारी विभाग होने के कारण बिजली कटेगी नहीं।
दो बार पूर्व में भी जारी हुए आदेश
सरकारी कार्यालयों पर बकाया को लेकर मुख्य सचिव उर्जा द्वारा दो बार पत्र लिखे गए। पिछले दिनों कलक्टर द्वारा सभी विभागों के जिला उच्चाधिकारी को आदेश दिए गए। इस माह जारी आदेश से पूर्व 25 सितम्बर और 7 दिसम्बर 2021 को भी आदेश जारी किए गए। परन्तु कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब कलक्टर ने आदेश जारी कर समस्त जिला स्तरीय अधिकारी, समस्त विभाग/उपक्रम अपने विभाग/उपक्रम के विरूद्ध विद्युत बकाया बिलों की बकाया राशि के भुगतान विद्युत विभाग को एक सप्ताह में करने के आदेश दिए है।