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करोड़ों के फायदे के लिए सैकड़ों परिवारों को सड़क पर लाने का प्रयास

  • जिला अस्पताल बचाओ संघर्ष समिति सदस्यों ने लगाया आरोप
    हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)।
    टाउन के जिला अस्पताल को जंक्शन में नवां बाइपास पर बन रहे मेडिकल कॉलेज के पास स्थानांतरित करने के विरोध में जिला अस्पताल बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले चल रहा बेमियादी धरना गुरुवार को 63वें दिन भी जारी रहा। जिला अस्पताल के समक्ष जारी धरने पर गुरुवार को आम नागरिक समिति के सदस्य बैठे। आंदोलन की कड़ी में संघर्ष समिति की ओर से 1 फरवरी को टाउन का बाजार बंद रखकर भारत माता चौक पर चक्काजाम करने की घोषणा की गई है। बाजार बंद व चक्काजाम लेकर समिति सदस्यों की ओर से बाजार में व्यापारियों व दुकानदारों से सम्पर्क किया जा रहा है। जिला अस्पताल बचाओ संघर्ष समिति के सदस्य बलकरण सिंह ने कहा कि टाउन स्थित जिला अस्पताल के स्थानांतरण को लेकर शहर के जागरूक नागरिकों की ओर से संघर्ष समिति के बैनर तले बेमियादी धरना दिया जा रहा है। सरकार से मांग है कि मेडिकल कॉलेज से सम्बद्ध बेस अस्पताल को टाउन में ही रखा जाए। संघर्ष समिति के देवेन्द्र पारीक ने कहा कि पूर्व में प्रस्ताव बना था कि राजकीय मेडिकल कॉलेज से सम्बद्ध बेस अस्पताल को टाउन में ही रखा जाएगा। इसके लिए 120 करोड़ का बजट भी पास हुआ था। 6 मंजिला इमारत बनाने का नक्शा भी पास किया गया था लेकिन अब इसी अस्पताल को यहां से नवां बाइपास पर ले जाने का प्रयास किया जा रहा है ताकि चन्द लोगों को करोड़ों का फायदा हो सके। उन्होंने आरोप लगाया कि यहां के जनप्रतिनिधि अपने करोड़ों रुपए के फायदे के लिए सैकड़ों परिवारों को सड़क पर लाने का काम कर रहे हैं। यह आंदोलन सैकड़ों परिवारों की रोजी-रोटी से जुड़ा हुआ है। सैकड़ों परिवारों को रोजी-रोटी बचाने व इस क्षेत्र की खुशहाली के लिए समिति संघर्ष कर रही है। जिला अस्पताल को यहां से अन्यत्र नहीं जाने देंगे। इसके लिए चाहे कितनी ही लंबी लड़ाई क्यों न लड़नी पड़े, पीछे नहीं हटेंगे। राज्य सरकार और प्रशासन को जनभावनाओं को देखते हुए राजकीय मेडिकल कॉलेज से सम्बद्ध बेस अस्पताल को टाउन में ही रखने की मांग माननी पड़ेगी। गुरुवार को चांद मोहम्मद, श्याम, अनिता, देवली, पुष्पा देवी, कमला देवी, राजेन्द्र कुमार, रवि कुमार, मनोहर लाल, जसकरण सिंह, अनिल मोहन मिश्रा, मनोहर लाल, लक्ष्मी देवी, संजय, विकास, कालूराम, गुरमीत सिंह, नरसी, नवाब अली, जसविन्द्र सिंह, नत्थूराम आदि धरने पर बैठे। संघर्ष समिति सदस्य जगदीश सार्इं व प्रदीप ऐरी ने 1 फरवरी को प्रस्तावित बाजार बंद व चक्काजाम में शहरवासियों से बढ़-चढ़कर हिस्सा लेकर आंदोलन को मजबूती प्रदान करने का आह्वान किया।