नई दिल्ली
सौरव गांगुली ने भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष के तौर पर चुनौतीपूर्ण 26 महीनों के अंदर कई तरह की आलोचनाओं का सामना किया, जिसमें उन्हें कोविड-19 के कारण पैदा हुई परेशानियों से तो रूबरू होना ही पड़ा, लेकिन उन पर चयनकर्ताओं को प्रभावित करने और अपने कार्यकाल में महिला क्रिकेट के लिए ज्यादा कुछ नहीं करने के आरोप भी लगे।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष सौरव गांगुली ने चयन बैठकों में खुद को शामिल करने और चयन प्रक्रिया को प्रभावित करने के आरोपों को ही सिर्फ खारिज नहीं किया, बल्कि अपने आलोचकों को यह भी याद दिलाया कि बीसीसीआई अध्यक्ष बनने से पहले मशहूर क्रिकेटर थे और 424 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके थे जिसमें 113 टेस्ट शामिल थे। उन्होंने कहा कि चयन प्रक्रिया को प्रभावित करने की अफवाहें बेबुनियाद हैं। पूर्व चयन समिति के अध्यक्ष एमएसके प्रसाद, तत्कालीन कप्तान विराट कोहली, तत्कालीन उप-कप्तान रोहित शर्मा और अन्य पदाधिकारियों के साथ बैठक में बैठे गांगुली की एक तस्वीर वायरल हो रही थी, जिससे अटकलें लगाई जा रही थीं कि गांगुली अतीत में चयन बैठकों में शामिल हुए थे।
गांगुली ने पीटीआई से बातचीत में कहा, ”मुझे नहीं लगता कि मुझे किसी को इस पर जवाब देने की जरूरत है और इन आधारहीन आरोपों में से किसी को अहम बनाने की जरूरत है। मैं बीसीसीआई अध्यक्ष हूं और बीसीसीआई अध्यक्ष को जो काम करना चाहिए, वह करता हूं। और आपको यह भी बता दूं, मैंने सोशल मीडिया पर एक फोटो देखी जिसमें मुझे चयन समिति की बैठक में बैठे हुए दिखाया जा रहा था।”