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हैरानी कि बात मरीज नॉन कोविड पॉजिटिव, दूसरी लहर में सबसे अधिक 166 मरीज रिपोर्ट हुए थे, 28 की हुई थी मौत

बीकानेर

कोरोना वायरस के ओमिक्रोन वेरिएंट के मामलों में कमी के बीच करीब चार महीने बाद ब्लैक फंगस की वापसी ने हैल्थ डिपार्टमेंट की चिंता बढ़ा दी है। नोखा के चरकड़ा निवासी 69 वर्षीय मरीज में ब्लैक फंगस के लक्षण दिखाई देने पर ईएनटी और मेडिसिन डिपार्टमेंट के डॉक्टरों ने मरीज की बायोप्सी करवाई थी। लेकिन पहले परीक्षण में रिपोर्ट निगेटिव आई। इसके बावजूद डॉक्टरों को यकीन नहीं हुआ तो मरीज की दोबारा बायोप्सी करवाई गई, जिसमें ब्लैक फंगस प्रमाणित हो गया। हैरानी की बात यह है कि संबंधित मरीज को इस बीमारी से पहले कभी कोरोना नहीं हुआ था, जबकि इससे पूर्व कोविड पॉजिटिव मरीजों में ही ब्लैक फंगस के लक्षण दिखाई दिए थे।

फिलहाल नोखा के ब्लैक फंगस संक्रमित मरीज को पीबीएम हॉस्पिटल के ई वार्ड में भर्ती किया गया है, जहां मेडिसिन और ईएनटी डिपार्टमेंट के चिकित्सक लगातार मरीज पर निगरानी बनाए हुए हैं। इससे पूर्व पिछले वर्ष सितम्बर माह में ब्लैक फंगस का आखिरी मरीज रिपोर्ट हुआ था। उल्लेखनीय है कि कोरोना की दूसरी लहर के चलते ब्लैक फंगस इंफेक्शन कई मरीजों की मौत का कारण भी बना था। सितम्बर 2021 तक बीकानेर में 166 केस रिपोर्ट हुए थे। वहीं इस बीमारी से 28 मरीजों की अब तक मौत हो चुकी है।