Saturday, May 16निर्मीक - निष्पक्ष - विश्वसनीय
Shadow

अभी भी रुला रहा कोरोना! 45 रुपए किलो से बसें बेचने को मजबूर कारोबारी

तिरुवंतपुरम

शताब्दी वर्ष में आने वाली बीमारियों में एक कोरोना महामारी ने हर किसी को अर्श से फर्श पर ला दिया। किसी की नौकरी छिनी तो कोई अपना धंधा खो बैठा। ऐसा ही कुछ केरल के पर्यटन कारोबारियों पर भी पड़ा है। केरल में कोरोना महामारी के कारण कारोबार प्रभावित होने का अंदाजा इसी बात से लगा लीजिए कि एक बस संचालक अपनी बसों को कबाड़ के भाव बेचने को मजबूर है। रिपोर्ट के मुताबिक, कारोबारी अपनी बसें 45 रुपए प्रति किलो के हिसाब से बेच रहा है।

केरल में बस मालिकों के संघ कॉन्ट्रैक्ट कैरिज ऑपरेटर्स एसोसिएशन के अनुसार, राज्य में पर्यटक बसों की कुल संख्या महामारी के दौरान 14,000 से घटकर 12,000 हो गई है। स्क्रैप की दर पर अपनी बसों को बेचने के लिए तैयार ऑपरेटर रॉय टूरिज्म के मालिक कोच्चि स्थित रॉयसन जोसेफ हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 12-18 महीनों में उन्होंने अपनी 20 पर्यटक बसों में से 10 को बेच दिया क्योंकि यात्रा प्रतिबंधों के कारण उन्हें काफी नुकसान झेलना पड़ा है। जोसेफ ने अपनी बसें 45 रुपए प्रति किलो के हिसाब से बेची हैं।

सीसीओए के प्रदेश अध्यक्ष बीनू जॉन के अनुसार, इस सप्ताह के पहले तीन दिनों में केवल तीन बसों ने मुन्नार की यात्रा की। आमतौर पर फरवरी में मुन्नार की सड़कों पर भारी आवाजाही रहती है, लेकिन इस बार ऐसा कुछ देखा नहीं गया। पिछले दो महीनों में अकेले बैंकों या साहूकारों द्वारा एक हजार से अधिक पर्यटक बसें संलग्न की गईं। हालांकि सटीक संख्या मार्च के बाद सामने आएगी।