— एडवोकेट चैंबर्स की संख्या बढ़ेगी, तीन की जगह 6 मंजिला भवन के निर्माण पर सहमति
श्रीगंगानगर। पुरानी शुगर मिल वाली जगह पर निमार्णाधीन मिनी सचिवालय परिसर में 18 बीघा जमीन में 118 करोड़ की लागत से प्रस्तावित नए कोर्ट कांपलेक्स के लिए तीन बीघा अतिरिक्त भूमि की मांग की गई है। जिले के इंस्पेक्टिंग जस्टिस मनोज कुमार गर्ग के आज श्रीगंगानगर आगमन पर बार असोसिएशन के अध्यक्ष सीताराम बिश्नोई की अगुवाई में एक शिष्टमंडल ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश की उपस्थिति में मुलाकात की। असोसिएशन की ओर से इंस्पेक्टिंग जस्टिस को ज्ञापन सौंपते हुए आग्रह किया गया कि भविष्य की जरूरतों को देखते हुए अधिवक्ताओं के लिए नए कोर्ट कांपलेक्स में प्रस्तावित एडवोकेट चैंबर्स की संख्या में इजाफा किया जाए। साथ ही नए कोर्ट कांपलेक्स और मिनी सचिवालय की प्रस्तावित बिल्डिंग के मध्य साथ लगती तीन बीघा जमीन को भी नए कोर्ट कंपलेक्स में शामिल किया जाए। अध्यक्ष सीताराम बिश्नोई ने बताया कि नया कोर्ट कंपलेक्स 18 बीघा जमीन में प्रस्तावित है,जिसमें बार असोसिएशन का कार्यालय और एडवोकेट्स के लिए चेंबर भवन भी शामिल हैं। इसमें एडवोकेट चैंबर्स की जो संख्या प्रस्तावित की गई है, वह अधिवक्ताओं की निरंतर बढ़ती संख्या के मद्देनजर काफी कम है। इसलिए मांग की गई है कि कम से कम 500 एडवोकेट चैंबर्स प्रस्तावित किया जाए। अभी प्रस्तावित नए कोर्ट कंपलेक्स में तीन मंजिला एडवोकेट चेंबर भवन बनाया जाएगा। इंस्पेक्टिंग जस्टिस से हुई चर्चा में सहमति बनी है कि इस भवन को 6 मंजिला बनाया जाए। इसका नए सिरे से प्रस्ताव तैयार कर भिजवाने का निर्देश इंस्पेक्टिंग जस्टिस ने अधिकारियों को दिया है। साथ ही तीन बीघा अतिरिक्त भूमि भी नए कोर्ट कांपलेक्स के लिए दिए जाने का प्रस्ताव जिला कलेक्टर के माध्यम से राज्य सरकार को प्रेषित करने के निर्देश दिए गए हैं।