नई दिल्ली
सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों की तरफ से गैस सब्सिडी का भुगतान वित्त वर्ष 2021-22 के पहले नौ महीनों में घटकर सिर्फ 2,706 करोड़ रुपये रहा जबकि 2018-19 में यह 37,585 करोड़ रुपये था। सूचना के अधिकार कानून के तहत किए गए एक सवाल से यह जानकारी सामने आई है।
नागपुर के अभय कोलारकर ने पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय से पिछले पांच साल में घरेलू गैस उपभोक्ताओं को दी गई सब्सिडी के बारे में जानकारी मांगी थी।
सरकार पर सब्सिडी बोझ घटा है क्योंकि इस दौरान एलपीजी की खुदरा कीमतों में वृद्धि जारी रही। देश के 39 करोड़ से अधिक घरों के रसोई घरों में खाना पकाने के लिए एलपीजी का इस्तेमाल हो रहा है।