भाजपा जिलाध्यक्ष बलवीर बिश्नोई बोले हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)। भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष बलवीर बिश्नोई का कहना है कि राज्य की गहलोत सरकार के कार्यकाल में लगातार तीसरे साल इन्दिरा गांधी नहर परियोजना में बंदी ली जा रही है। नहरबंदी दौरान गुणवत्ता पूर्ण काम हो तो ही इसका फायदा किसान को मिलेगा। अगर सही ढंग से निर्माण कार्य होता है तो निश्चित तौर पर पानी बचेगा और राजस्थान के किसान को फायदा मिलेगा। निर्माण कार्य की गुणवत्ता सही नहीं हुई तो जो फायदा किसान को मिलना चाहिए वह नहीं मिलेगा। मीडियाकर्मियों से मुखातिब हुए भाजपा जिलाध्यक्ष बलवीर बिश्नोई ने कहा कि अगर किसान को पानी मिलता है तो सरकार कोई भी हो, वे उसे धन्यवाद करते हैं। साथ ही कहा कि राज्य सरकार ने हाल ही में पेश किए बजट में नहरों के लिए 100 करोड़ रुपए की तो घोषणा कर दी लेकिन यह नहीं बताया कि पानी कहां से उपलब्ध होगा। बिश्नोई ने बताया कि 2005 के केबिनेट के फैसले में इन्दिरा गांधी नहर क्षेत्र में 16 लाख 17 हजार हैक्टेयर कमांड भूमि मानकर उतना पानी तय कर रखा है। क्योंकि 100 करोड़ रुपए के बजट से नहरें बन सकती हैं। साहवा लिफ्ट के किसानों का पानी काटा जाएगा या राजस्थान कैनाल के अन्य हिस्से से पानी काटा जाएगा, यह बात मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बजट में स्प्ष्ट नहीं की है। बिश्नोई ने कहा कि यह दुखद पहलू है कि दो साल से इन्दिरा गांधी नहर में निर्माण कार्य चल रहा है। लेकिन सरकार का कोई नुमाइंदा व जनप्रतिनिधि निर्माण कार्य की गुणवत्ता को देखने नहीं गया। उन्होंने कहा कि गहलोत सरकार ने 2012-13 में एटा-सिंगरासर के लिए डीपीआर तैयार की। लेकिन डीपीआर तैयार करने से काम नहीं चलता। जब किसान खेत में पानी लगाने जाएगा और उसके कंधे पर कस्सी होगी, तब वे गहलोत सरकार को धन्यवाद देंगे।