श्रीगंगानगर। गिरफ्तार किए गए किसान नेताओं ने जमानत होने पर जेल से छूटते ही कहा है कि उनके हौंसलों में कोई कमी नहीं आई है। किसान और किसानी के मुद्दों के लिए संघर्ष करते रहेंगे। किसान नेता रविंद्र तरखान रिडमलसर और संदीपसिंह चक 3-जी (छोटी) ने श्रीकरणपुर सब जेल से रिहा होने के बाद कहा कि मुकदमेबाजी और गिरफ्तारियों से हमारे हौसले कम होने वाले नहीं हैं।मुकदमेबाजी व गिरफ़्तारियों से हमारे हौसले बढते ही हैं उन्होंने किसानों के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प दोहराते हुए कहा कि कर्ज माफी सिंचाई के लिए पूरा पानी लेने और फसलों के वाजिब दाम दिलाने के लिए आंदोलन करते रहेंगे। सात सितंबर 2018 को तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के आगमन पर पदमपुर तहसील क्षेत्र में सीसी रोड पर उनका काफिला रोकने के प्रयास के दौरान पुलिस-किसानों में भिड़ंत हो गई थी।किसान अपनी समस्याएं मुख्यमंत्री के समक्ष रखना चाहते थे।इस झड़प में अनेक किसान और पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। किसानों पर हत्या का प्रयास करने के आरोप सहित विभिन्न आरोपों के तहत पदमपुर थाना में मुकदमा दर्ज हुआ,जिसमें अभी तक डेढ़ दर्जन से अधिक किसान नेताओं की गिरफ्तारी हो चुकी है। इसी घटनाक्रम में रविंदर तरखान और संदीपसिंह चक 3-जी (छोटी) की 3 दिन पूर्व गिरफ्तारी की गई।अदालत ने इनकी जमानत स्वीकार कर गई। कल शाम श्रीकरणपुर सब जेल से रिहा होने पर भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के संयोजक संदीपसिंह, किसान आर्मी के संयोजक पूर्व पार्षद मनिंदरसिंह मान, जय किसान आंदोलन के रमन रंधावा मा. केवलसिंह स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया के जिला अध्यक्ष मुकेश मोहनपुरिया, सुखबीर फौजी और गगनदीप सिंह ढिल्लों आदि ने फूल माला पहनाकर तथा इंकलाबी नारे लगाकर रविंदर खान और संदीपसिंह चक 3-जी का स्वागत किया।जानकारी के अनुसार इस मामले में एक सरपंच और एक पूर्व सरपंच जसपालसिंह की गिरफ्तारी शेष है। यह गिरफ्तारियां भी जल्दी ही होने की संभावना है। उल्लेखनीय है कि कांग्रेस सरकार ने पिछले दिनों किसानों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने का निर्णय किया है। पदमपुर थाना में दर्ज यह मामला भी वापस लिए जाने की संभावना है।