कद-काठी के कारण सबका ध्यान अपनी तरफ खींच रहा ‘रोमियो’
by seemasandesh
भटनेर अश्व मेले में आज से होंगी प्रतियोगिताएं हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)। जंक्शन में नवां बाइपास पर पशु मेला ग्राउंड में जिला अश्व पालक समिति की ओर से आयोजित 16वां भटनेर अश्व मेले में रविवार को काफी चहल-पहल रही। एक तरफ जहां मेले में आए अश्वों को देखने के लिए शहरी व ग्रामीण क्षेत्र से लोगों की भारी भीड़ जुटी। वहीं दूसरी तरफ अश्वपालकों का भी अपने अश्वों के साथ मेले में आने का सिलसिला जारी रहा। रविवार को पांचवें दिन मेले में अश्वों की संख्या 800 को पार कर गई। रविवार को मेले में दूर-दूराज के क्षेत्र से अश्वपालक अपने अश्वों को लेकर सोमवार से आयोजित होने वाली प्रतियोगिता में हिस्सा लेने के लिए पहुंचे। मेले में अपने नाम के अनुरूप रोमियो नाम का अश्व अपनी सुन्दरता और नस्ल को लेकर मेले में आने वाले हर शख्स का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित कर रहा है। हरियाणा सिरसा से रूहशाद स्टड से मारवाड़ी नस्ल का रोमियो अपनी कद-काठी और चाल-ढाल से सभी का ध्यान अपनी तरफ खींच रहा है। अश्वपालक तेजेन्द्र सिंह सिरसा ने बताया कि रोमियो की उम्र साढ़े पांच साल है और कद 66 र्इंच है। उन्होंने बताया कि यह शुद्ध मारवाड़ी नस्ल का अश्व है। वहीं मेले में पहुंचने वाले अन्य अश्वपालकों ने बताया कि दो वर्ष पूर्व जब वह इस मेले में आए थे तब रोमियो को देखा था। जैसे-जैसे रोमियो की उम्र बढ़ती जा रही है। वैसे-वैसे इसकी सुन्दरता में भी इजाफा हुआ है। रोमियो अपने नाम की तरह सुन्दर और मन मोह लेने वाला है। भटनेर अश्वपालक समिति अध्यक्ष धनसिंह व सचिव सत्यदेव सुथार ने बताया कि अश्व मेले में अश्वों के साथ-साथ श्वान व अन्य पशु-पक्षी भी आए हैं। पशुपालन विभाग के चिकित्सकों की ओर से अश्वों व श्वानों की नियमित जांच भी की जा रही है। उन्होंने बताया कि मेले में हर वर्ष आने वाले अश्व व श्वान विशेष आकर्षण का केन्द्र बने रहते हैं। यह मेला 16 मार्च तक चलेगा। सोमवार से तीन दिन तक अश्व मेले में अश्वों की प्रतियोगिताएं होंगी। सोमवार को दूधिया दांत बच्छेरा-बच्छेरी, मंगलवार को दो दांत बच्छेरा-बच्छेरी जबकि बुधवार को नुकरा व मारवाडी नस्ल के अश्वों की प्रतियोगिताएं होंगी। प्रतियोगिता के लिए रविवार से पंजीयन का कार्य शुरू हो गया। उन्होंने बताया कि अश्व मेले के आयोजन में नगर परिषद की ओर से सहयोग किया जा रहा है। अश्व मेले के आयोजन में समिति के संजीव बेनीवाल, लोकेश चाहर, कृष्ण चाहर, सुमित चाहर, प्यारासिंह, नकुल रिणवां, नरेन्द्र कड़वासरा, मोहनसिंह राठौड़ आदि सहयोग कर रहे हैं।