साउथैम्पटन
भारत को अगर वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल जीतना है, तो ऋषभ पंत का अहम रोल रहने वाला है। यह पॉकेट साइज डाइनामाइट भारत के लिए X-फैक्टर साबित हो सकता है। टीम इंडिया को आखिरी दिन आक्रामक बैटिंग करनी होगी और 250 से 300 तक का टारगेट देना होगा। फिर न्यूजीलैंड को ऑलआउट करना है। आज 98 ओवर का खेल होना है।
पंत के लिए यह मुश्किल नहीं होगा, क्योंकि वे इस साल ऑस्ट्रेलिया दौरे पर ऐसा कर चुके हैं। उन्होंने ऐसी परिस्थिति में मैच के आखिरी दिन सिडनी और ब्रिस्बेन में 2 आक्रामक पारियां खेली थीं। सिडनी में उन्होंने 118 बॉल पर 97 रन बनाए थे और मैच को तकरीबन भारत की ओर घुमा दिया था। पर उनके आउट होते ही, बाद में कोई बैट्समैन नहीं होने के कारण हनुमा विहारी ने रविचंद्रन अश्विन के साथ मिलकर मैच ड्रॉ कराया। 400 रन के टारगेट का पीछा करते हुए पंत की बदौलत भारत ने 5 विकेट पर 334 रन बनाए।
वहीं, इसके बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ब्रिस्बेन में भारत को 328 रन का टारगेट मिला था। मैच के आखिरी दिन पंत ने 138 बॉल पर 89 रन की पारी खेली और टीम इंडिया की ऐतिहासिक जीत में अहम रोल निभाया था। इसके बाद ही भारत के बॉलिंग कोच भरत अरुण ने उन्हें पॉकेट साइज डायनामाइट का नाम दिया।
पंत ने इसके बाद इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में अहमदाबाद में टर्निंग ट्रैक पर मुश्किल परिस्थितियों में भारत की दूसरी पारी में 101 रन बनाए थे। यह दिखाता है कि पंत दबाव झेलने में माहिर हैं और इसी समय वे अपना बेस्ट दे पाते हैं। उनकी इसी पारी की बदौलत भारत ने इंग्लैंड को हराया था। पंत ने इंग्लैंड के खिलाफ इसके अलावा 91 रन और 58 रन की भी तेजतर्रार पारी खेली थी।
पंत ने हाल ही में इंट्रा स्क्वॉड प्रैक्टिस मैच में भी अच्छा स्कोर किया था। उन्होंने 94 बॉल पर 121 रन बनाए थे। ऐसे में वे एक बार फिर टीम इंडिया को मैच जिताने में अहम योगदान दे सकते हैं। पंत अपनी मैच्योरिटी का इस्तेमाल कर टीम इंडिया की रन गति को बढ़ाने में मदद कर सकते हैं। वे WTC फाइनल में पहले इनिंग में 4 रन बना सके थे। ऐसे में उन्हें न्यूजीलैंड के टिम साउदी एंड कंपनी को पॉइंट भी प्रूव करना है।