वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल का मुकाबला अब रिजर्व डे यानी आखिरी दिन में पहुंच गया है। मैच के पांचवें दिन मोहम्मद शमी की अगुआई में बेहतरीन प्रदर्शन के जरिए टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड की पहली पारी 249 रनों पर समेट दी। यानी कीवी टीम को पहली पारी के आधार पर 32 रन की बढ़त मिली। जवाब में भारत ने स्टंप्स तक दो विकेट खोकर 64 रन बनाए हैं। भारत 32 रन आगे है और उसके 8 विकेट शेष हैं।
दिग्गज कमेंटेटर पद्मश्री सुशील दोषी ने मैच के हर दिन की तरह पांचवें दिन का भी खास अंदाज में विश्लेषण किया है। दोषी ने अपने पॉडकास्ट में बताया है कि भारतीय टीम अब भी खतरे से बाहर नहीं है और रिजर्व डे के पहले सत्र में हमारे बल्लेबाजों को दमदार प्रदर्शन करना होगा।
नाम नहीं, प्रदर्शन दिलाता है सफलता
दोषी ने भारतीय तेज गेंदबाजों विशेषकर मोहम्मद शमी की जमकर तारीफ की। हालांकि, वे जसप्रीत बुमराह के प्रदर्शन से बहुत खुश नहीं देखे। उन्होंने कहा कि भले ही आपका कितना भी बड़ा नाम हो, आपको विशेष दिन अच्छे प्रदर्शन के दम पर ही सफलता मिल सकती है। दोषी के मुताबिक बुमराह ने 140-145 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से काफी तेज गेंदबाजी करने की कोशिश की। यह गति स्विंग गेंदबाजी के लिए अनुकूल नहीं है।
दो स्पिनर खिलाना गलती
दिग्गज कमेंटेटर ने कहा कि ऐसे कंडीशन के लिए अगर भुवनेश्वर कुमार जैसे गेंदबाज प्लेइंग-11 का हिस्सा होते तो बेहतर होता। उन्होंने दो स्पिनर को शामिल करने पर भी सवाल उठाए और कहा कि इस मैच में रवींद्र जडेजा को मौका देना सही फैसला नहीं कहा जा सकता है।
विलियम्सन ने दिखाई न्यूजीलैंड को राह
न्यूजीलैंड की टीम के कप्तान केन विलियम्सन की धैर्यपूर्ण बल्लेबाजी ने भी दोषी को खासा प्रभावित किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह खरबूजे को देखकर खरबूजा रंग बदलता है, उसी तरह विलियम्सन की बल्लेबाजी ने न्यूजीलैंड के अन्य बल्लेबाजों को प्रेरित किया।
लय में नहीं दिखे भारतीय बल्लेबाज
दोषी ने कहा कि दूसरी पारी में भी भारतीय बल्लेबाज खास लय में नहीं दिखे। रोहित शर्मा और शुभमन गिल के विकेट गिर चुके हैं और कप्तान विराट कोहली भी बहुत कंट्रोल में नहीं दिखे। एक गेंद तो उनकी हेलमेट पर भी लगी। ऐसे में छठे दिन का पहला सेशन काफी अहम हो जाता है और भारत को पहले मैच सुरक्षित करने पर ध्यान देना होगा।