सीमा सन्देश न्यूज
श्रीगंगानगर। लक्ष्य कार्यक्रम के तहत जिले में उत्कृष्ट सेवाएं दे रहे जिला अस्पताल श्रीगंगानगर व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र श्रीकरणपुर को राज्य स्तर पर आयोजित पुरस्कार समारोह में पुरस्कृत किया गया। दोनों संस्थाओं को कार्यक्रम के तहत निर्धारित राशि व प्रशस्ति पत्र दिया गया।
कार्यक्रम में चिकित्सा सचिव आशुतोष एटी पेडणेकर, डॉ. जितेंद्र कुमार सोनी व आरसीएच निदेशक केएल मीणा ने पुरस्कृत संस्था प्रभारियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि राज्य में पहले से अधिक स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ हुई हैं एवं आगामी दिनों में इसे और अधिक बेहतर बनाने का प्रयास करें। इस दौरान वीसी के माध्यम से भी जिले से जुड़े सभी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
पेडणेकर ने कहा कि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं के आधारभूत ढांचे में तेजी से सुधार हो रहा है। प्रदेश के 360 चिकित्सा संस्थान लक्ष्य कार्यक्रम से प्रमाणित हैं।
उन्होंने वीसी के माध्यम से सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी चिकित्सा संस्थानों पर डिलीवरी सिस्टम में सुधार के प्रयास किए जाएं, रेंकिंग इंडिकेटर्स पर काम किया जाए एवं साफ सफाई का पूरा ध्यान रखा जाए।
लक्ष्य से प्रमाणित होने वाले मेडिकल कॉलेज के चिकित्सा संस्थानों को छह लाख प्रसव कक्ष और छह लाख मेटरनिटी ओटी, जिला अस्पताल को तीन लाख प्रसव कक्ष और तीन लाख मेटरनिटी ओटी और उप जिला व सेटेलाइट एवं सीएससी संस्थानों को दो-दो लाख रुपए का पुरस्कार भी दिया गया।
श्रीगंगानगर के जिला अस्पताल को छह लाख रुपए एवं सीएचसी श्रीकरणपुर को दो लाख रुपए की राशि व प्रशस्ति पत्र दिया गया।
आशाओं को मिलेगी प्रोत्साहन राशि
एनएचएम एमडी डॉ. सोनी राज्य में पीएमएसएमए के दौरान गर्भवती महिलाओं की एएनसी जांच के दौरान उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिला (एचआरपी) के रूप में चिन्हित करने, उच्च जोखिम वाली महिलाओं का गर्भकाल, प्रसव के दौरान व प्रसव के बाद 45 दिनों तक ट्रेकिंग करते हुए जच्चा-बच्चा के स्वस्थ रहने पर संबंधित आशा को प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिला के तीन अतिरिक्त एएनसी जांच चिकित्सक के माध्यम से कराने पर 300 रुपए प्रति एचआरपी तथा प्रसव के बाद 45 दिनों के उपरांत जच्चा-बच्चा स्वस्थ रहने पर 500 रुपए प्रति एचआरपी प्रोत्साहन राशि के रूप में आगामी वित्तीय वर्ष से दी जाएगी।