ग्राम विकास अधिकारियों ने ज्ञापन सौंप की एपीओ आदेश निरस्त करने की मांग हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)। रावतसर तहसील के गांव खोड़ां के ग्राम विकास अधिकारी राजेन्द्र गोदारा के एपीओ आदेश निरस्त करने की मांग को लेकर राजस्थान ग्राम विकास अधिकारी संघ उपशाखा रावतसर के आह्वान पर रावतसर तहसील के सभी ग्राम विकास अधिकारियों ने गुरुवार को कलमबंद असहयोग आंदोलन शुरू कर दिया। इस संबंध में ग्राम विकास अधिकारियों ने गुरुवार को रावतसर उपखंड कार्यालय में जिला कलक्टर के नाम ज्ञापन भी सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि ग्राम विकास अधिकारी राजेन्द्र गोदारा के पास ग्राम पंचायत खोड़ां का अतिरिक्त कार्यभार है। 22 मार्च को जिला प्रमुख ने ग्राम पंचायत कार्यालय खोड़ां का विजिट किया। उनके साथ उनके पति भूपसिंह भी मौजूद थे। पदस्थापित ग्राम विकास अधिकारी राजेन्द्र गोदारा आवश्यक कार्य से रावतसर पंचायत समिति कार्यालय में मौजूद थे। इस बारे में उन्होंने सरपंच को सुबह दूरभाष पर अवगत करवाकर दोपहर 1 बजे कार्यालय आने व खाला नवनिर्माण के लिए किसानों की बैठक रखने का भी कार्यक्रम बनाया था। ग्राम विकास अधिकारियों ने आरोप लगाया कि उस दरम्यान जिला प्रमुख के पति ने दूरभाष पर ग्राम विकास अधिकारी राजेन्द्र गोदारा से अशोभनीय व्यवहार किया व उपस्थिति रजिस्टर जब्त कर जिला प्रमुख को दे दिया। इस घटनाक्रम के बाद जिला प्रमुख ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी को निर्देशित कर ग्राम विकास अधिकारी राजेन्द्र गोदारा को एपीओ करवा दिया। संघ पदाधिकारियों के अनुसार चूंकि राजेन्द्र गोदारा उपशाखा रावतसर ग्राम विकास अधिकारी संघ के अध्यक्ष है। उक्त एपीओ आदेश से संगठन स्तर को भी हतोत्साहित करने की कोशिश की गई है। उन्होंने बताया कि राजस्थान ग्राम विकास अधिकारी संघ जिला शाखा हनुमानगढ़ ने तुरन्त उसी दिन जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को ज्ञापन प्रस्तुत कर एपीओ आदेश निरस्त करने की मांग की थी। अपेक्षित कार्यवाही नहीं होने पर 28 मार्च से पूरे जिले में असंतोष स्वरूप कार्य बहिष्कार के बारे में अवगत करवाया था। 28 मार्च को संगठन की जिला स्तर पर जिला प्रमुख के साथ हुई वार्ता में उन्होंने 1-2 दिन में आदेश निरस्त करवाने का आश्वासन दिया। लेकिन बुधवार को पुन: हुई वार्ता के दौरान किसी तरह का संतोषजनक कथन नहीं दिया। इसी के विरोध में गुरुवार से ग्राम विकास अधिकारी संघ उपशाखा रावतसर के सभी ग्राम विकास अधिकारी क्षुब्ध होकर कलमबंद असहयोग आंदोलन प्रारम्भ कर रहे हैं। उन्होंने मांग की कि बिना वजह जारी किया गया एपीओ आदेश तुरन्त निरस्त किया जाए।