मीटर खरीद एवं स्क्रेप घोटाले की उच्च स्तरीय जांच की मांग
by seemasandesh
आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)। मीटर खरीद एवं स्क्रेप घोटाले की उच्च स्तरीय जांच करवाने की मांग को लेकर आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को मुख्यमंत्री के नाम जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा। आम आदमी पार्टी के जिला संयोजक सुरेन्द्र बेनीवाल ने बताया कि राजस्थान में प्रति वर्ष उन लाखों उपभोक्ताओं के विद्युत मीटर बिजली कम्पनियों की ओर से जब्त कर लिए जाते हैं जो अपना विद्युत बिल नहीं चुका पाते हैं। राजस्थान में कार्यरत तीनों विद्युत वितरण कम्पनियां जोधपुर डिस्कॉम, अजमेर डिस्कॉम एवं जयपुर डिस्कॉम अपने-अपने क्षेत्राधिकार में वसूली अभियान के तहत मीटर जब्त करने का कार्य करती हैं। जिन लाखों मीटरों को जब्त किया जाता है वे सभी तकनीकी रूप से सही एवं चालू हालात में होते हैं। इन कम्पनियों की ओर से उतारे गए इन सभी मीटरों को स्क्रेप (कबाड़) बता कर मीटर निर्माण करने वाली कम्पनियों को कोड़ियों के भाव में बेच दिया जाता है। फिर इन्हीं मीटरों को नए मीटर खरीदने की आड़ में पुन: महंगे दामों पर खरीदा जाता है। दूसरी ओर उपभोक्ताओं से नए मीटर लगाने के नाम से 900 रुपए प्रति मीटर की दर से अवैध वसूली की जाती है। जब पुराने चालू एवं सही हालत के मीटरों को पुन: उपयोग में लाया जा सकता है तो नए मीटर खरीदने की क्या आवश्यकता है। वहीं चालू हालत के मीटरों को अनुपयोगी मान कर उन्हें कबाड़ में बेचने से प्रति वर्ष राजस्थान सरकार को करोड़ों रुपयों के राजस्व की हानि होती है। दूसरी ओर उपभोक्ताओं को अनावश्यक ही आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। बेनीवाल के अनुसार इसे पूरे षड्यंत्र में इन तीनों बिजली कम्पनियों के उच्चाधिकारियों को करोड़ों रुपए की रिश्वत का लेन-देन होता है। भ्रष्टाचार में आकंठ डूबे इन तीनों कम्पनियों के उच्चाधिकारियों की मिलीभगत के बिना ये सब संभव नहीं है। हो सकता है कि राजनैतिक पहुंच वाले लोग भी इस पूरे प्रकरण में शामिल हों। प्रति वर्ष इस षड्यंत्र से राजस्थान सरकार को कई करोड़ रुपए की हानि होती है वहीं उपभोक्ताओं से भी कई करोड़ रुपए की अवैध वसूली की जाती है। इससे राजस्थान में बिजली चोरी के प्रकरण लगातार बढ़ते जा रहे हैं। उन्होंने मांग की कि तीनों बिजली कम्पनियों की इस मीटर खरीद एवं स्क्रेप घोटाले की उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए ताकि राजस्थान में भ्रष्टाचार रोकने के साथ-साथ विद्युत उपभोक्ताओं को भी राहत मिल सके। इस मौके पर गोपालराम, शिशपाल, महेन्द्र मोहन, करनैल सिंह, राजकुमार सहित कई कार्यकर्ता मौजूद थे।