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करौली हिंसा: सांप्रदायिक एंगल के साथ वायरल तस्वीरों की सच्चाई और निकली, बोले राजस्थान के DGP एमएल लाठर

जयपुर

राजस्थान के करौली जिले में हिंसा की घटना के बाद सोशल मीडिया पर सांप्रदायिक एंगल के दावे के साथ वीडियो और तस्वीरों की बाढ़ सी आ गई है। वायरल तस्वीरों में दावा किया जा रहा है कि ये तस्वीरें करौली हिंसा से जुड़ी हुई है। राजस्थान के डीजीपी एमएल लाठर ने कहा कि कुछ व्यक्तियों द्वारा तेलगांना के तीन वर्ष पुराने वीडियो को राजस्थान का होने का दावा करते सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी डाली गई है। इसी प्रकार उत्तरप्रदेश के एक वीडियो को करौली हिंसा से जोड़कर प्रदर्शित किया जा रहा है। डीजीपी ने शुक्रवार को प्रेस वार्ता में कहा कि प्रदेश में शांति, अमन, चैन और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाले असामाजिक तत्वों से सख्ती से निपटा जाएगा। सोशल मीडिया पर भ्रामक वीडियो डालने पर एएफआईआर दर्ज की जाएगी।

आयोजक ने शर्तों का उल्लंघन किया

डीजीपी एमएल लाठर ने कहा कि करौली में नवसंवत्सर के अवसर पर 2 अप्रैल को निकाली जा रही बाइक रैली के क्रम में हुई घटना के संबंध में पुलिस द्वारा अब तक 23 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उपद्रव के संबंध में करौली के कोतवाली थानाधिकारी द्वारा एक व अन्य व्यक्तियों द्वारा 9 सहित कुल 10 एफआइआर दर्ज करायी गयी है। अब तक हुए अनुसंधान से पुलिस द्वारा 44 उपद्रवियों को चिन्हित किया गया है। बाइक रैली निकालने के लिए संयोजक नीरज कुमार के आवेदन पर उपखण्ड मजिस्ट्रेट करौली ने 2 अप्रैल को ही रैली निकालने की सशर्त अनुमति प्रदान की थी। इन शर्तों में डीजे और लाउडस्पीकर का प्रयोग नहीं करने व भड़काऊ नारे बाजी नहीं करने के साथ ही किसी भी प्रकार के अस्त्र शस्त्र की अनुमति नहीं थी। आयोजक ने शर्तों का उल्लंघन किया।