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मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा:बीकानेर में 11 महीने में 66 हजार मरीजों को 54.33 करोड़ रुपए का इलाज फ्री मिला

बीकानेर

बीते 11 महीनों में बीकानेर के 66191 मरीजों को 54.33 करोड़ रुपए का इलाज फ्री मिला है। इसमें से 5332 मरीजों का इलाज प्राइवेट हॉस्पिटलों में हुआ। मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के ये आंकड़े जहां राहत देते हैं वहीं कमी यह भी है कि इस योजना में बीकानेर में अब तक महज छह निजी हॉस्पिटल ही जुड़े हैं। ऐसे में ज्यादातर प्राइवेट हॉस्पिटलों में इलाज के दौरान इस योजना का लाभ नहीं मिल पाता।

अब दो बड़े निजी हॉस्पिटलों को इस योजना में शामिल करने की प्रक्रिया हो रही है। इसमें एक हार्ट का हॉस्पिटल भी शामिल है। हालांकि 66191 पैकेज बुक यानी इतने रोगियों का इलाज तो हुआ है लेकिन हॉस्पिटलों को अभी तक 37565 पैकेज का ही भुगतान मिला है। यह राशि 39.50 करोड़ हैं। मतलब इतने पैकेज अप्रूव्ड हुए हैं। ऐसे में भुगतान की धीमी प्रक्रिया और तकनीकी खामियों के चलते हॉस्पिटल काफी आशंकित भी रहते हैं।

बीते वर्ष 1 मई से शुरू हुई इस योजना में पहले जहां पांच लाख रुपए तक का फ्री इलाज मिलता था वहीं इस बजट में यह राशि बढ़ाकर 10 लाख कर दी गई है। इसमें कॉक्लियर इंप्लांट, कैँसर, किडनी सहित 25 बीमारियों के नए पैकेज भी शामिल किए गए हैं। ऐसे में अब कुल पैकेज की संख्या 1576 हो गई।

आंख में घुसा लोहे का टुकड़ा निकाला, देखने लगा नौशाद
अपने पिता के साथ कंस्ट्रक्शन साइट पर शटरिंग का काम कर रहे 18 वर्षीय नौशाद की आंख में लोहे का एक टुकड़ा जा फंसा। दो महीनों में धीरे-धीरे आंखों की रोशनी जाती रही। बीकानेर के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में बाइमेनुअल विक्ट्रेक्टोमी प्रोसीजर से आंख ठीक करने और रोशनी लौट आने का भरोसा जताया गया। खर्च की बात आई तो चिरंजीवी स्वास्थ्य कार्ड याद आया। इलाज हो गया। धीरे-धीरे रोशनी आने लगी। अब वह फिर से पूरी तरह देखने लगा है। दो महीनों में ही दुनिया फिर से रोशन हो गई। नौशाद के परिजन भी खुश है। क्योंकि फिर से काम कर सकेगा।

सीएचसी में भर्ती हो रहे सभी मरीज चिरंजीवी में शामिल हों
पीबीएम, जिला हॉस्पिटल सहित शहर के बड़े हॉस्पिटलों में जहां चिरंजीवी योजना में पैकेज बुक हो रहे हैं वहीं कई ब्लॉक की सीएचसी में इसे अब भी गंभीरता से नहीं लिया जा रहा। हाल ही हुई जिले की स्वास्थ्य समीक्षा में सामने आया है कि कोलायत, पांचू और श्रीडूंगरगढ़ इस मामले में काफी पिछड़े हैं। प्रशासन ने हिदायत दी है कि सीएचसी पर भर्ती होने वाले सभी रोगियों को इस योजना में शामिल करें। सीएमएचओ डॉ.बी.एल.मीणा का कहना है, इसमें लगातार मॉनीटरिंग कर व्यवस्थाओं में सुधार भी कर रहे हैं।