शनिवार को पकड़े कुत्ते, सोमवार को बिना नसबन्दी के छोड़े, लोगों ने जताया विरोध
by seemasandesh
नसबन्दी और निगरानी पर उठने लगे सवाल, अधिकारियों ने साधी चुप्पी श्रीगंगानगर। नगरपरिषद द्वारा कुत्तों की बढ़ती संख्या पर अंकुश लगाने के लिए करीब 50 लाख रुपए खर्च करने के दावे किए जा रहे है। परन्तु जिस फर्म को इनकी नसबन्दी करने का जिम्मा सौंपा गया है। उस फर्म के लोगों द्वारा नसबन्दी किए बिना ही कुत्तों को शहर में छोड़ने का मामला सामने आया है। इसके बाद संबंधित ठेकेदार फर्म, नगरपरिषद के श्वान शाला प्रभारी और अधिकारियों द्वारा इसकी निगरानी करने के दावों पर सवाल खड़ने होने लगे हैं। साथ ही पार्षदों ने इसमें बड़े घालमेल का भी अंदेशा जताया है। कुत्तों को पकड़ कर बिना नसबन्दी के शहर में फिर से छोड़ने की ऐसा ही एक घटना सोमवार को सुखवन्त सिनेमा के पास सामने आई। मामले के अनुसार सोमवार सुबह सुखवंत पैलेस के पीछे कुत्तों को पकड़ने वाली पहुंची। जैसे ही गाड़ी में आए लोगों ने गाड़ी की खिड़की खोल कुत्तों को छोड़ने की तैयारी की मौके पर वार्ड 15 का सफाई निरीक्षक कैलाश मौके पर पहुंच गया। उसने बिना नसबन्दी के ही कुत्तों के छोड़ने पर कर्मचारियों से सवाल किया तो वे कुछ नहीं बोले। इस पर कैलाश ने इसकी सूचना वार्ड पार्षद रोहित बागड़ी को दी। रोहित ने अन्य पार्षदों को इसकी जानकारी देते हुए मौके पर बुला लिया। मौके पर पहुंचे पार्षदों ने जब गाड़ी में आए युवकों ने बिना नसबन्दी के कुत्तों को छोड़ने पर सवाल किया तो उन्होने गलती मानी और कहा इनकी नसबन्दी नहीं हुई। इस पर ठेका फर्म कारिन्दों द्वारा बिना नसबन्दी के ही शहर में फिर से कुत्तों को छोड़ने बारे जानकारी आयुक्त, स्वास्थ्य अधिकारी और श्वान शाला प्रभारी को भी दी गई। इसके बाद भी काफी देर तक मौके पर ही गाड़ी को रोके रखा। दोपहर करीब साढे 12 बजे गाड़ी को नगरपरिषद लाया गया। जहां से दोपहर करीब पौने दो बजे इन्हे फिर से श्वान शाला भेज दिया गया।