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शोभायात्रा के जरिए अहिंसा के मार्ग पर चलने का दिया संदेश

  • भगवान महावीर की जन्म जयंती के मौके पर जैन धर्मावलंबियों ने निकाली शोभायात्रा
    हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)।
    भगवान महावीर की जन्म जयंती के मौके पर जैन धर्मावलंबियों की ओर से गुरुवार को कल्याणक दिवस के तहत टाउन शहर में महावीर स्वामी की शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा के जरिए जैन समाज के नागरिकों ने महावीर स्वामी के बताए अहिंसा के मार्ग पर चलने का संदेश दिया गया। पंजाबी मोहल्ला स्थित श्री शान्तिनाथ मन्दिर से शुरू हुई शोभायात्रा प्रारम्भ मुख्य बाजार से होते हुए एसएस जैन सभा भवन पहुंचकर सम्पन्न हुई। यहां आयोजित कार्यक्रम में चारों समुदायों श्वेताम्बर जैन स्थानक, श्वेताम्बर मूर्ति पूजन, तेरा पंथ जैन सभा, दिगम्बर जैन समाज की ओर से डॉ. पारस जैन को जैन रतन प्रदान किया गया। इस दौरान राजेन्द्र बैद ने कहा कि महावीर स्वामी ने अहिंसा के मार्ग पर चलने का जो सन्देश दिया उसकी सिर्फ युवाओं को ही नहीं बल्कि आज के इस भौतिकवादी युग को बड़ी आवश्यकता है। भगवान महावीर स्वामी ने अहिंसा के मार्ग पर चलने के अलावा प्रदूषण को दूर करने के लिए वृक्षारोपण तथा सत्य से जीवन जीने का भी सन्देश दिया। आज के युग में इन सब चीजों की बहुत आवश्यकता है। विशेषकर युवा पीढ़ी महावीर स्वामी के बताए मार्ग पर चलकर नशे से दूर रहकर देश के कल्याण में सहयोग दे। डॉ. पारस जैन ने कहा कि शोभायात्रा के जरिए भगवान महावीर के सन्देशों को जन-जन तक पहुंचाना है। महावीर स्वामी ने दुनिया को सत्य, अहिंसा का पाठ पढ़ाया। तीर्थंकर महावीर स्वामी ने अहिंसा को सबसे उच्चतम नैतिक गुण बताया। उन्होंने दुनिया को जैन धर्म के पंचशील सिद्धांत अहिंसा, सत्य, अपरिग्रह, अचौर्य (अस्तेय), ब्रह्मचर्य बताए। इन सिद्धांतों को अपनाने से ही सभी समस्याओं का समाधान हो जाएगा। सुरेन्द्र कोठारी ने कहा कि आज के इस परिवेश में भी सत्य और अहिंसा की जितनी महत्ता है वह किसी और चीज की नहीं है। अगर हम महावीर स्वामी के सिद्धांतों को मानें तो काफी हद तक अपनी समस्याओं को सुलझा सकते हैं। इस मौके पर प्रवीण दुग्गड़ सहित समाज के कई नागरिक मौजूद थे।