Sunday, May 17निर्मीक - निष्पक्ष - विश्वसनीय
Shadow

सिस्टम के सताए बेजुबानों की जुबान हैं संस्थान सदस्य

  • राजस्थान सेवानिवृत पुलिस कल्याण संस्थान की बैठक में उठे कई मुद्दे
    हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)।
    राजस्थान पुलिस स्थापना दिवस के मौके पर शनिवार को जिला मुख्यालय पर रिजर्व पुलिस लाइन में राजस्थान सेवानिवृत पुलिस कल्याण संस्थान की बैठक हुई। बैठक में संस्थान से जुड़े सेवानिवृत पुलिस अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए। बैठक में विभिन्न समस्याओं पर चर्चा हुई। बैठक में एक मुद्दा उठा कि पुलिस विभाग से 2020 से सेवानिवृत हो चुके कांस्टेबल श्रवणसिंह की पेंशन शुरू नहीं हुई। राजस्थान सेवानिवृत पुलिस कल्याण संस्थान के संरक्षक सेवानिवृत आरपीएस जोगेंद्रसिंह ने कहा कि डीजीपी के निर्देशानुसार संस्थान का गठन किया गया। राजस्थान के हर जिले में संगठन बना हुआ है जो काफी मजबूत है। इस संस्थान के गठन की जरूरत इसलिए पड़ी क्योंकि पुलिस विभाग में काम करने वाले कई अधिकारी व कर्मचारी कुंठित हैं। कोई अधिकारी-कर्मचारी अपने महकमे से तो कोई राजनीतिक रूप से सताया हुआ है। जिसके साथ अत्याचार होता है, जुल्म होता है, उनकी जुबान संस्थान के सदस्य हैं। जोगेंद्र सिंह ने कहा कि जब तक पुलिस अधिकारी-कर्मचारी सेवा में रहते हैं तब तक बेजुबान होते हैं। संस्थान सदस्य सिस्टम के सताए उन बेजुबानों की जुबान हैं। क्योंकि संस्थान से जुड़े सदस्य सेवानिवृत हो चुके हैं। उन पर किसी प्रकार का प्रतिबंध नहीं है। अगर पुलिस विभाग का कोई अधिकारी-कर्मचारी अपने महकमे के अधिकारियों या राजनीतिक रूप से प्रताड़ित है तो वह संस्थान सदस्यों के पास आकर अपनी व्यथा बताए। संस्थान सदस्य कानूनी रूप से उनकी आवाज उठाने का काम करेंगे। जिलाध्यक्ष सेवानिवृत एएसपी वीरेंद्र जाखड़ ने कहा कि पुलिस में बेल्टबंध नौकरी होते हुए कोई भी अधिकारी-कर्मचारी अपना मुद्दा उठा नहीं सकता। लेकिन उनका संगठन सेवारत व सेवानिवृत कर्मचारियों की समस्याओं को दूर करने के लिए संघर्षरत है। करीब छह माह पहले संगठन का गठन हुआ था। प्रत्येक माह में एक बैठक की जाती है। उन्होंने बताया कि विभाग का कोई अधिकारी या कर्मचारी तंग-परेशान है तो इसका पता चलने पर संस्थान सदस्य स्वयं उनसे सम्पर्क करते हैं। उनकी समस्या का समाधान का हरसंभव प्रयास किया जाता है। बैठक में संस्थान से जुड़े कई सदस्य मौजूद थे।