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झोलाछाप डॉक्टरों की लापरवाही से गई विवाहिता की जान

  • सदर थाना क्षेत्र क्षेत्र के गांव 12 जेआरके का मामला, लापरवाही से मौत का मामला दर्ज
    हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)।
    इलाज में झोलाछाप डॉक्टरों की ओर से बरती गई लापरवाही से सदर थाना क्षेत्र के गांव 12 जेआरके निवासी एक विवाहिता की जान चली गई। मृतका 3 व 5 साल के दो बच्चों की मां थी। इस संबंध में सदर पुलिस थाना में एक निजी क्लिनिक के दो झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ इलाज में लापरवाही से मौत का मामला दर्ज हुआ है। पुलिस के अनुसार मक्खनराम (37) पुत्र रामस्वरूप ब्राह्मण निवासी डबलीवास पैमा, वार्ड 4, 12 जेआरके ने मुकदमा दर्ज करवाते हुए बताया कि वह चेन्नई में काम के सिलसिले में रहता है। उसकी पत्नी मंजू देवी को 11 अप्रैल की रात्रि को सिर में दर्द एवं हल्का बुखार हुआ था। इसकी सूचना उसकी पत्नी ने उसे चेन्नई में दूरभाष के जरिए 12 अप्रैल को सुबह दी थी। उसने अपनी पत्नी को कहा कि वह पड़ोस में रहने वाले धोलू नाई एवं जीतराम बावरी की पत्नी को साथ लेकर गांव नूरपुरा स्थित प्राइवेट क्लिनिक में जाकर जांच करवाए। गांव नूरपुरा स्थित क्लिनिक में पहुंचने पर डॉ. दर्शनसिंह एवं लक्ष्मणसिंह ने उसकी पत्नी का इलाज शुरू कर दिया। जब उसकी पत्नी को ड्रीप चढ़ाई गई तो करीब आधे घण्टे बाद ही उसकी पत्नी मंजू देवी की तबीयत सुधारने की बजाय और ज्यादा खराब हो गई। जब उसे इसका पता चला तो उसने दूरभाष पर डॉ. दर्शनसिंह एवं लक्ष्मणसिंह से बात कर ड्रीप तुरन्त प्रभाव से बन्द करने को कहा। इस पर दर्शनसिंह व लक्ष्मणसिंह ने उसे कहा कि उसकी पत्नी को कोई दिमागी परेशानी है। वह उसे 4-5 दिन में ठीक कर देंगे। इस पर उसने इन दोनों को कहा कि वह उसकी पत्नी की सभी जांचें करवाएं ताकि पता चल सके कि वास्तव में तकलीफ क्या है। मक्खनराम के अनुसार 11 अप्रैल की शाम करीब 7-8 बजे के बीच उसकी माता कमला देवी और चिमनलाल बावरी नूरपुरा गांव स्थित क्लिनिक पर उसकी पत्नी को लेने गए तो उस समय मंजू बेहोशी की हालत में थी। क्लिनिक पर मौजूद लक्ष्मण सिंह ने कहा कि वे इसे अभी ले जाएं और कल फिर दिखाने आना। मक्खनराम के अनुसार वह भी चेन्नई से फ्लाइट पकड़कर दिल्ली आया। 12 अप्रैल को दोपहर अपने गांव 12 जेआरके पहुंचा। उसकी पत्नी की तबीयत बहुत ज्यादा खराब थी। वह उसे पहचान भी नहीं रही थी। उसी समय डॉक्टर के कहे अनुसार कि उसकी पत्नी पर ऊपरी साया है। इसका वहम निकालने के लिए वह अपनी पत्नी को गांव मेहरवाला के बाबा रामदेव मन्दिर ले गया। मेहरवाला गांव से वापस घर लौटते समय वह अपनी पत्नी को हनुमानगढ़ स्थित महावीर हॉस्पीटल ले गया। वहां उसकी पत्नी को आईसीयू में भर्ती कर लिया गया। महावीर हॉस्पिटल में 12 घण्टे उपचार में रखने के बाद वहां स्थित स्टॉफ एवं डॉक्टर ने कहा कि यहां उसका ज्यादा पैसा लगेगा। वह अपनी पत्नी को बीकानेर के पीबीएम हॉस्पिटल ले जाए। वहां अच्छे डॉक्टर हैं व इलाज भी फ्री है। इस पर वह अपनी पत्नी को एम्बुलेंस व एक डॉक्टर साथ लेकर 13 अप्रैल को बीकानेर के पीबीएम हॉस्पिटल बीकानेर चला गया। वहां उसकी पत्नी का इलाज शुरू कर दिया गया। डॉक्टरों ने बताया कि उसकी पत्नी का मस्तिष्क सिकुड़ गया है और फेफड़ों में पानी भर गया है। 13 अप्रैल की रात्रि को 9 से 10 बजे के बीच उसकी पत्नी की मौत हो गई। मक्खनराम ने आरोप लगाया कि गांव नूरपुरा स्थित क्लिनिक के डॉक्टर दर्शनसिंह एवं लक्ष्मणसिंह ने उसकी पत्नी के इलाज में लापरवाही बरती। इस कारण उसकी पत्नी मंजू की मौत हो गई। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। पुलिस लापरवाही के कारण मौत होने के आरोप में दर्शनसिंह एवं लक्ष्मणसिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच में जुटी है। मामले की जांच एएसआई लालचन्द कर रहे हैं।