उजड़ रहे बागों को बचाने के लिए भरवाई जाएं डिग्गियां
by seemasandesh
किन्नू के बाग लगाने वाले किसानों ने जिला कलक्टर से लगाई गुहार हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)। नहरबंदी के दौरान किन्नू के बाग उजड़ने से बचाने की मांग को लेकर क्षेत्र के किसानों ने संगरिया विधायक गुरदीप सिंह शाहपीनी के नेतृत्व में सोमवार को जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने बताया कि प्रधानमंत्री के पानी बचाओ, पौधे लगाओ के आह्वान पर उन्होंने किन्नू के बाग लगाए। बाग में 5 साल बाद प्रति बीघा 40 हजार रुपए खर्च करने के पश्चात उत्पादन शुरू होता है। लेकिन नहरबंदी से बाग उजड़ गए। क्योंकि अप्रेल-मई में फल बनता है। नहरबंदी के दौरान पानी न मिलने से बाग उखाड़ने पड़ते हैं। कृषि अनुसंधान केन्द्र श्रीगंगानगर के अधिकारियों का भी मानना है कि हर दूसरे दिन ड्रीप से 30 से 80 लीटर पानी की प्रति पौधे को जरूरत होती है। पानी नहीं मिला इसलिए इस बार 60 से 90 प्रतिशत फल गिर गए हैं व पौधे भी मर रहे हैं। जब बाग लगाए गए थे तब एनएचबी बोर्ड ने 20 प्रतिशत अनुदान देकर बैंकों से भारी कर्ज दिलवा दिया। किसान बैंक का ब्याज भी नहीं भर सकते। किसानों ने कहा कि नहरबंदी के दौरान पीने के लिए चलने वाले पानी में से एक बार बाग के लिए बनाई गई डिग्गी भरवा दी जाए तो पौधों व किसानों को जीवनदान मिल सकता है। उन्होंने मांग की कि उजड़ रहे बागों को बचाने के लिए बागों में बनी हुई डिग्गी भरवाए जाने के आदेश दिए जाएं ताकि किसानों को जीवनदान मिल सके। इस मौके पर नरेश कुमार, झमनसिंह, मक्खनसिंह, अमरजीत सिंह, नरेन्द्र माली, कपूरसिंह, जसपाल सिंह, करणवीर सिंह, सादुलसिंह भाकर, निर्मलसिंह सहित कई किसान मौजूद थे।