पड़ोसी के घर में पाया आश्रय, मकान में प्रवेश दिलाने की लगाई गुहार हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)। धक्के मारकर घर से निकालने व दोबारा आने पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए एक बुजुर्ग महिला ने पुलिस से न्याय दिलाने की गुहार लगाई है। वृद्धा अब अपने बेटे के साथ पड़ोसी के घर में रह रही है। वृद्धा ने गुरुवार को जंक्शन पुलिस थाना में प्रार्थना-पत्र सौंप उसके पति के मकान में प्रवेश दिलाने व मकान पर कब्जा करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। जानकारी के अनुसार वृद्धा सीतादेवी पत्नी अमरसिंह राजपूत निवासी वार्ड 53, सुरेशिया हाल बागसूरी तहसील नसीराबाद जिला अजमेर ने बताया कि उसके पति अमरसिंह ने 1989 में चावली देवी पत्नी पूर्णाराम कुम्हार निवासी वार्ड 2, सुरेशिया से वार्ड 53 में पुलिस चौकी के सामने मकान खरीदा था। मकान खरीद करने के कुछ समय पश्चात उसके पति का स्थानांतरण हनुमानगढ़ से अजमेर हो गया। इस कारण उसके पति की ओर से अपनी जरूरत का कुछ सामान सुरेशिया के मकान में एक कमरे में अलग से रख दिया गया। उसके पति ने यह मकान लीला देवी निवासी हुड़को कॉलोनी की जानकार पम्मी देवी को किराए पर दे दिया। उसके पति मकान की सार-सम्भाल के लिए समय-समय पर हनुमानगढ़ आते रहे। कुछ समय पूर्व उसके पति की तबीयत काफी खराब हो गई। इस कारण वह मकान का किराया लेने व मकान की सार-सम्भाल करने के लिए हनुमानगढ़ आती रहती थी। 2019 में उसे अपने परिवार सहित हनुमानगढ़ रहने के लिए आना था, इसलिए पम्मी देवी से अपना मकान खाली करवा दिया व अपना सामान भी लाकर इस मकान में रख दिया। इसी दौरान कोरोना महामारी के कारण वह व उसका परिवार हनुमानगढ़ रहने के लिए नहीं आ सके। इसलिए मकान की सार-सम्भाल के लिए पड़ोसी रूपसिंह पुत्र हाकम सिंह को कहा। इस दौरान रूपसिंह के मन में बेईमानी आ गई। पति की तबीयत खराब होने व लॉकडाउन के कारण वह मकान में शिफ्ट होने के लिए हनुमानगढ़ नहीं आ पाई। 10 अप्रेल को वह अपने पुत्र अर्जुन सिंह के साथ अपने मकान में आई तो देखा कि रूपसिंह ने उनके मकान की दीवार तोड़कर अपने घर में जाने के लिए रास्ता निकाल रखा था। कमरे में रखा सामान भी गायब था। उसने रूपसिंह को उलाहना दिया तो रूपसिंह, तरसेम सिंह पुत्र रूपसिंह, लखविन्द्र सिंह पुत्र रूपसिंह, मनजीत कौर उर्फ कृष्णा पत्नी रूपसिंह, बलजीत कौर पत्नी तरसेम सिंह, सिमरजीत कौर पत्नी लखविन्द्र सिंह उसके घर में घुसे व गालियां निकालने लगे। उसने गाली-गलौज करने से रोका तो इन्होंने धमकी दी कि अगर वह इसी समय घर से नहीं गई तो जान से मार देंगे। जब उसने कहा कि यह मकान उसके पति की ओर से खरीदशुदा है, इसमें रहने का उन्हें अधिकार है। इस बात पर रूपसिंह वगैरा ने उसे व उसके पुत्र को धक्के जबरन घर से बाहर निकाल दिया। धमकी दी कि यदि दोबारा यहां आए तो जान से मार देंगे। उसने इस घटना की सूचना सुरेशिया पुलिस चौकी में दी और प्रार्थना-पत्र भी सौंपा लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। वह अपना मकान होते हुए भी मजबूरन पड़ोसी के घर में रह रही है। रूपसिंह वगैरा उसे घर में घुसने नहीं दे रहे। सीतादेवी ने मांग की कि रूपसिंह वगैरा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई करने के साथ उसे अपने मकान में पुलिस सुरक्षा में प्रवेश दिलाने, उपयोग व उपभोग करने पर किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न करने व किसी प्रकार की दखलअन्दाजी न करने की मांग की।