Sunday, May 3निर्मीक - निष्पक्ष - विश्वसनीय
Shadow

बीकानेर में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष महिला नेता से उलझे:मेयर पद की उम्मीदवार ग्रुप के साथ फोटो खिंचवाने की बात पर भड़के डोटासरा, नाराज होकर बोले- घर जाओ; नेता पलटकर बोली- ये तो हमारा घर, आप जाओ

बीकानेर

अपने व्यवहार से आमतौर पर चर्चा में रहने वाले कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविन्द डोटासरा अपनी ही पार्टी की वरिष्ठ महिला नेता से उलझ गए। इसके बाद तो खूब हंगामा हुआ। महिला नेता ने भी खूब खरी-खरी सुनाई। यह पूरा वाक्या बीकानेर के सर्किट हाउस का है। शनिवार को यहां अपनी ही पार्टी की वरिष्ठ महिला नेता और मेयर पद की दावेदार रही अंजना खत्री से गोविंद डोटासरा से तीखी बहस हो गई। बताया जाता है कि अंजना के साथ पहुंची महिला कार्यकर्ता डोटासरा के साथ फोटो खिंचवाना चाहती थीं। इस पर प्रदेश अध्यक्ष झल्ला गए। उन्होंने उन लोगों को वहां से जाने के लिए कह दिया। इसके बाद पार्टी के विषय में बात करने का प्रयास किया तो अंजना खत्री को डोटासरा ने कह दिया कि आप अपने घर जाइए। पलटकर खत्री ने भी करारा जवाब दिया और कहा कि हम तो अपने घर में ही हैं। आप चलिए यहां से। इसके बाद चिल्लाते हुए खत्री ने सैकड़ों की भीड़ में कार्यकर्ताओं के सामने आक्रोश जताया। इस पूरे मामले की किसी ने वीडियो बना ली। अब यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

यह है मामला

बीकानेर की वरिष्ठ महिला नेता अंजना खत्री ने दैनिक भास्कर को बताया कि वो कुछ महिलाओं के साथ प्रदेशाध्यक्ष से मिलने पहुंची थीं। इस दौरान कुछ महिलाओं ने फोटो खिंचवाने की इच्छा जताई। इस पर प्रदेशाध्यक्ष झल्ला गए और कहा कि आप लोग जाइये यहां से। एक बार तो सभी महिला कार्यकर्ता हट गईं, लेकिन बाद में स्वयं खत्री मंत्री के पीछे गई और कहा कि पार्टी के विषय में एक मिनट बात करनी है। इस पर डोटासरा फिर नाराज हो गए। कहा कि आप जाइये। इस पर खत्री ने पूछा कहां जाएं? घर जाएं क्या? इस पर डोटासरा ने कहा- हां घर जाइए। अब खत्री का भी पारा चढ़ गया। उन्होंने प्रदेशाध्यक्ष से सबके सामने कहा कि हमारा घर तो ये बीकानेर ही है, आप जाइये यहां से? इतना कहने के बाद खत्री कार्यकर्ताओं के बीच पहुंच गईं और चिल्लाकर अपने ही प्रदेशाध्यक्ष के बारे में कहा कि ये बदतमीजी नहीं चलेगी। हमें कहा जा रहा है कि जाओ अपने घर। अगर इसको जरूरत ही नहीं है तो ये जाएं अपने घर।

वापस बुलाया गया

बाद में अंजना खत्री सहित सभी महिला नेता सर्किट हाउस से निकल गईं। कुछ स्थानीय नेताओं ने डोटासरा को बताया कि वो सामान्य कार्यकर्ता नहीं हैं बल्कि मेयर की उम्मीदवार रही हैं। बाद में अंजना खत्री को वापस बुलाया गया। इसके बाद डोटासरा ने कहा कि वो सबसे मिलने के लिए ही आए हैं। बाद में अंध विद्यालय में भी अंजना खत्री डोटासरा के कार्यक्र्म में पहुंचीं, लेकिन प्रदेशाध्यक्ष ने ज्यादा महत्व नहीं दिया।

बात सुनने की बजाय जाइए-जाइए कहने लगे

खत्री ने दैनिक भास्कर को बताया कि हम तो डाेटासरा से यह कहने गए थे कि नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष के लिए किसी को भी जिम्मेदारी देने का काम करें। निगम में हमें भाजपा से लड़ना होता है। अब तक कोई नेता प्रतिपक्ष नहीं बना। बात सुनने की बजाय वो जाइए, जाइए करने लगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *