धरना उठाकर शांतिपूर्ण तरीके से कार्य करने दें ट्रक आॅपरेटर
by seemasandesh
ट्रक आॅपरेटर व ट्रैक्टर-ट्रॉली यूनियन के बीच जारी विवाद को लेकर व्यापारियों की बैठक हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)। ट्रक आॅपरेटर व ट्रैक्टर-ट्रॉली यूनियन के बीच गेहूं उठाव को लेकर चल रहा विवाद सुलझने का नाम नहीं ले रहा। इसको लेकर मंगलवार को टाउन की धानमंडी में स्थित फूडग्रेन मर्चंेट्स एसोसिएशन कार्यालय में व्यापारियों की बैठक हुई। एसोसिएशन अध्यक्ष सन्तराम जिन्दल की अध्यक्षता में हुई बैठक में पूर्व अध्यक्ष घनश्याम भादू, बालकिशन गोल्याण, राजकुमार सोडा सहित कई व्यापारी मौजूद रहे। व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की कि मध्यस्थता कर विवाद का निस्तारण किया जाए। फूडग्रेन मर्चंेट्स एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष घनश्याम भादू ने कहा कि ट्रक आॅपरेटर यूनियन के सदस्य परिवहन विभाग के अधिकारियों पर दबाव डालकर ट्रैक्टर-ट्रॉली चालकों के चालान कटवा रहे हैं। निर्धारित वजन में गेहूं का लदान करने के बावजूद चालान किए जा रहे हैं। सोमवार को एक ट्रैक्टर-ट्रॉली का 14 हजार रुपए का चालान काट दिया गया। ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक आर्थिक रूप से इतने सक्षम नहीं हैं कि वे इतना भारी-भरकम चालान भर सकें। भादू ने कहा कि ट्रक आॅपरेटरों की मांग है कि व्यापारी उनके ट्रकों के जरिए गेहूं का परिवहन करवाएं। लेकिन इस बार धानमंडी के किसी व्यापारी के पास अधिक गेहूं नहीं है। इस कारण वे ट्रकों की बजाए ट्रैक्टर-ट्रॉली में माल लोड करवा रहे हैं। कई व्यापारी एकसाथ ट्रक में इकट्ठा माल भी नहीं भेज सकते। क्योंकि व्यापारियों का माल एक जगह की बजाए अलग-अलग गोदामों में जा रहा है। भादू के अनुसार पिछले साल जब एफसीआई की ओर से गेहूं की खरीद की गई थी। तब ट्रकों के जरिए धानमंडी से गेहूं से भरे करीब 25 से 30 लाख कट्टे गोदामों में भेजे गए थे। उस समय न तो ट्रैक्टर-ट्रॉली चालकों और न ही व्यापारियों ने किसी तरह का विरोध किया। तब ट्रक आॅपरेटरों का सहयोग किया गया था। अबकी बार गेहूं की आवक कम है तो ट्रक आॅपरेटरों को भी ट्रैक्टर-ट्रॉली चालकों का सहयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि ट्रक आॅपरेटर यूनियन के सदस्य अपना धरना उठाकर ट्रैक्टर-ट्रॉली चालकों के साथ व्यापारियों को शांतिपूर्ण तरीके से कार्य करने दें।