संस्थान पर आने वाले प्रत्येक नागरिक को दी जाए चिकित्सकीय योजनाओं की जानकारी
by seemasandesh
जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में जिला कलक्टर ने दिए निर्देश हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)। चिकित्सा संस्थान में कार्य कर रहे हर अधिकारी-कार्मिक का प्रयास रहना चाहिए कि कार्य के समय हमें अस्पताल में आने वाले मरीज को अधिक से अधिक योजनाओं की जानकारी दें। अस्पताल में टीकाकरण के लिए आने वाले नागरिक को परिवार कल्याण की योजनाओं के बारे में जानकारी दें। गर्भवती महिलाओं के साथ आए परिजनों को संस्थागत प्रसव, जेएसवाई, राजश्री योजना की जानकारी दें। चिकित्सा संस्थान पर कार्यरत प्रत्येक कार्मिक को हर योजना के बारे में जानकारी हो, तभी हम अधिक से अधिक योजनाओं के बारे में आमजन को जानकारी दे पाएंगे। यह वाक्य जिला कलक्टर नथमल डिडेल ने गुरुवार को कलक्ट्रेट परिसर में आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के माध्यम से जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में कहे। जिला कलक्टर डिडेल ने चिकित्सा संस्थानों के निर्माण कार्य के संबंध में कहा कि जिले में निर्माणाधीन प्रत्येक बिल्डिंग के बारे में संंबंधित मेडिकल आॅफिसर्स सम्पूर्ण जानकारी रखें। उन्होंने सिविल विंग के बृजलाल सिहाग से कहा कि निर्माणाधीन बिल्डिंग के संबंध में मेडिकल आॅफिसर्स से समन्वयक स्थापित कर निर्माण की पूरी जानकारी दें। उन्होंने कहा कि एनएचएम के जो भी निर्माण कार्य जारी हैं, उन्हें जल्द से जल्द पूरी करवाएं। जहां निर्माण कार्य धीरे हो रहे हैं, वहां ठेकेदार को मजदूरों की संख्या बढ़ाने के लिए पाबंद करें। उन्होंने कोविड वैक्सीनेशन में शिथिलता बरतने पर ब्लॉक को वैक्सीनेशन की गति बढ़ाने के लिए आदेशित किया। 12 से 14 वर्ष तक के बच्चों को कोबिवैक्स, 15 से 18 वर्ष तक के बच्चों को कोवैक्सीन एवं अन्यों को सरकार के निर्देशानुसार प्रिकॉशन डोज समय पर लगवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि बच्चों के वैक्सीनेशन के लिए जिस भी प्राइवेट या सरकारी स्कूल से सहयोग प्राप्त नहीं हो रहा है, वहां शिक्षा अधिकारियों से बात कर वैक्सीनेशन पूर्ण करवाएं। बच्चों की पेपर भी चल रहे हैं, जिसमें सौ प्रतिशत बच्चे स्कूल में आते हैं। इसलिए पेपर के बाद बच्चों का वैक्सीनेशन करवाया जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना में जहां भी कम पैकेज बुक किए जा रहे हैं, वहां पैकेज बढ़ाने के लिए कम्प्यूटर आॅपरेटर लगवा लें। ऐसा आॅपरेटर रखें जो कि एक्टिव होकर कार्य करने में सक्षम हों। उन्होंने गांधीबड़ी सीएचसी को पैकेज बढ़ाने के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि सभी डॉक्टर्स अपने-अपने केस और पेशेंट का ध्यान रखते हुए शाम को एक विभागीय मीटिंग रखें, जिसमें सभी केसेज को चिरंजीवी योजना में शामिल करने के लिए प्रयास करें। इसके लिए डॉक्टर्स, नर्सिंग स्टॉफ और स्वास्थ्य मित्र को मिलकर प्रयास करने होंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री निशुल्क दवा योजना, मुख्यमंत्री निशुल्क जांच योजना, एएनसी चैकअप, संस्थागत प्रसव, परिवार कल्याण, मिशन विकास परिवार आदि योजनाओं के बारे में निर्देश दिए। उन्होंने समस्त डॉक्टर्स से कहा कि कायाकल्प एवं एनक्यूएएस प्रोग्राम के तहत अपने-अपने संस्थानों को मॉडिफाई करें ताकि राज्य सरकार से मिली प्रोत्साहन राशि से हम अपने चिकित्सा संस्थान की सुविधाओं को सुदृढ़ कर सकें। उन्होंने कहा कि हमें इस वर्ष 40 से अधिक चिकित्सा संस्थानों का कायाकल्प, एनक्यूएएस के तहत प्रोत्साहन राशि प्राप्त करने का प्रयास करना है। सीएमएचओ डॉ. नवनीत शर्मा ने स्वास्थ्य सेवाओं के संबंध में खण्ड स्तरीय रिपोर्ट के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि मलेरिया व डेंगू जैसी बीमारियों को ध्यान में रखते हुए समस्त तैयारियां पूर्ण रखें। दवा योजना व जांच योजना के तहत अधिक से अधिक दवाइयां चिकित्सा संस्थान पर रखें। कम इस्तेमाल होने वाली दवाएं कम संख्या में रखें। खण्ड स्तर पर होने वाले समस्त चिकित्सा कार्यक्रमों की जानकारी का प्रचार-प्रसार अवश्य करवाएं ताकि अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हो सकें। प्रयास रहे कि समस्त अधिकारी-कार्मिक समय पर चिकित्सा संस्थान पर आएं। एसीएमएचओ डॉ. पवन कुमार ने परिवार कल्याण, विटामिन-ए, मिशन विकास परिवार के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जिले में काफी अच्छा कार्य हो रहा है। डिप्टी सीएमएचओ डॉ. रविशंकर शर्मा ने राष्ट्रीय संशोधित क्षय नियंत्रण कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी। आरसीएचओ डॉ. विक्रमसिंह ने डॉक्टरों को शुक्रवार को नियमित टीकाकरण व कोविड टीकाकरण बढ़ाने के लिए आदेशित किया। डीएनओ सुदेश जांगिड़ ने विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी दी। बैठक में पीएमओ डॉ. मुकेश कुमार पोटलिया, जिला औषधि विभाग से जिला समन्वयक डॉ. कुलदीप बराड़, डीपीएम जितेन्द्र सिंह, सीओ-आईईसी मनीष शर्मा, डीएसी संदीप कुमार, डीपीओ अनिश गांधी, सिविल विंग से मनोज जांगिड़, डीईओ एलीमैट्री, डीईओ प्राइमरी, महिला अधिकारिता विभाग के अधिकारी एवं कार्मिक मौजूद रहे। खण्ड स्तर से सभी बीसीएमओ, बीपीएम, सीएचसी इंचार्ज, पीएचसी इंचार्ज एवं अन्य कार्मिक वीसी के जरिए शामिल हुए।