श्रीगंगानगर.जल संसाधन विभाग ने नहर की सफाई नहीं करवाई तो टेल के किसानों ने प्रति मुरब्बा के हिसाब से तीन-तीन हजार रुपए जनसहयोग राशि एकत्रित कर माइनर की सफाई करवाने का बीड़ा उठाया है। आइजीएनपी की सूरतगढ़ ब्रांच की एसएडी माइनर 268 आरडी से निकलती है। इस माइनर पर करीब दो दर्जन से अधिक मोघे हैं। टेल के चक एक व दो आइडब्ल्यूएम के किसानों ने प्रति मुरब्बा तीन-तीन हजार रुपए जन सहयोग राशि एकत्रित कर 21 आरडी से 54 आरडी टेल तक खुद सफाई की। जबकि अब एक से 20 आरडी तक माइनर के दोनों साइड में चार-चार फीट मिट्टी की बर्म जमी हुई है। इसकी सफाई के लिए अब किसानों ने एक्सकेवेटर मशीन लगाकर सफाई करवाई जा रही है। 21 जून से लगातार एक्सकेवेटर मशीन सफाई कार्य में लगी हुई है।
उल्लेखनीय है कि पहले नहरबंदी में सिंचाई पानी नहीं आया और माइनर की लंबे समय से जल संसाधन विभाग ने साफ-सफाई तक नहीं करवाई है। इस कारण टेल पर निर्धारित हिस्सा का सिंचाई पानी नहीं पहुंच रहा है। इस कारण किसानों के सिंचाई पानी कम लगता है।
टेल के अध्यक्ष धायल ने संभाली कमान
गांव श्यामगढ़ निवासी व एसएडी माइनर की टेल के चक एक व दो आइडब्ल्यूएम के नहर अध्यक्ष सार्दुलाराम धायल ने नहर की सफाई की कमान संभाल रखी है। धायल ने बताया कि जल संसाधन विभाग श्रीविजयनगर स्थित अधिशासी अभियंता को माइनर की सफाई करवाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया। लेकिन सहयोग का आश्वासन मिला है लेकिन मौके पर जल संसाधन विभाग को कोई अधिकारी नहीं आया है। इसके अलावा इस माइनर पर 12 नंबर तरसेम सिंह व 13 नंबर महावीर सुथार नहर अध्यक्ष है। नहर अध्यक्षों ने भी सहयोग का आश्वासन दिया है। नहर की साफ-सफाई कार्य की की मुहिम में टेल के किसान हेतराम धायल,हनुमान झौरड़,रायसिंह मेघवाल व सतपाल घायल सहित उनकी टीम लगी हुई है।
कहां से निकलती है यह माइनर
-सूरतगढ़ ब्रांच की 268 हैड से एसएडी माइनर निकलती है। इसकी लंबाई एक आरडी से लेकर टेल 54 आरडी तक है। जबकि टेल पर एक व दो आईडब्ल्यूएम चक पड़ते हैं।
क्या होगा किसानों को लाभ
किसानों ने बताया कि लंबे समय से माइनर की साफ-सफाई नहीं हुई। इस कारण माइनर क टेल पर पूरा सिंचाई पानी नहीं पहुंच रहा है। नहर की सफाई होने पर किसान के खेत में ज्यादा सिंचाई पानी लगेगा।