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16 से 18 प्रतिशत तक सिकुड़ा गेहूं बेचने की अनुमति देने का अनुरोध

  • किसान प्रतिनिधियों की मांग पर जिला कलक्टर ने राज्य सरकार को लिखा पत्र
    हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)।
    किसान प्रतिनिधियों की मांग पर जिला कलक्टर नथमल डिडेल ने गेहूं के 16 से 18 प्रतिशत तक सिकुड़े दाने बेचने की अनुमति देने का अनुरोध राज्य सरकार से किया है। राज्य सरकार ने भी इस बारे में भारत सरकार को पत्र लिखा है। उम्मीद है कि जल्द ही क्षेत्र के किसानों की यह मांग पूरी होगी और भारतीय खाद्य निगम की ओर से 16 से 18 प्रतिशत तक सिकुड़े गेहूं की खरीद शुरू कर दी जाएगी। जिला कलक्टर नथमल डिडेल ने बताया कि प्रतिवर्ष की भांति इस बार भी हनुमानगढ़ जिले में गेहूं की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सरकारी खरीद सही समय पर शुरू हो गई थी। लेकिन बाजार का मूल्य अत्यधिक होने के कारण मात्र एक मंडी जंडावाली से करीब 750 मैट्रिक टन गेहूं एफसीआई को मिला है। बाकी कहीं भी गेहूं की सरकारी खरीद नहीं हो पाई। इसके बाद सरकार की ओर से गेहूं के निर्यात पर रोक लगा दी गई तो गेहूं के भावों में कमी आई। तब किसानों की ओर से मांग की गई कि उन्हें पंजाब की तर्ज पर 16 से 18 प्रतिशत तक सिकुड़े दाने भी बेचने की अनुमति दी जाए। उस अनुसरण में राज्य सरकार से अनुरोध किया गया। राज्य सरकार की ओर से तुरंत इस बारे में भारत सरकार से बात की गई है। उम्मीद है जल्द ही भारत सरकार की तरफ से भारतीय खाद्य निगम को यह अनुमति जारी की जाएगी कि वह भी 16 से 18 प्रतिशत तक सिकुुड़े दाने वाले गेहूं की खरीद करे। जिला कलक्टर ने बताया कि एफसीआई की ओर से 10 जून तक गेहूं की खरीद की जानी है। सरकार से अनुरोध किया जाएगा कि गेहूं खरीद की अवधि को भी 30 जून तक बढ़ाया जाए। साथ ही पैरामीटर में थोड़ा शिथिलन देकर किसानों को राहत दी जाए। डिडेल ने बताया कि किसानों की ओर से जन आधार कार्ड का मुद्दा रखा गया था। उस पर उन्होंने पूर्व में इस बारे में राज्य सरकार से बात की थी। राज्य सरकार ने भी तुरंत शिथिलन प्रदान की। आज जन आधार कार्ड का उपयोग कर कोई भी व्यक्ति जो उस परिवार की लिस्ट में है वह अपना रजिस्ट्रेशन करवाकर गेहूं का बेचान कर सकता है। डिडेल ने कहा कि जिला प्रशासन की ओर से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जिले की सभी मंडियों में पर्याप्त बारदाना हो। गेहूं की व्यवस्थित तरीके से खरीद हो। सरकार से शिथिलन व अनुमोदन के लिए वे लगातार प्रयासरत हैं। गौरतलब है कि 18 प्रतिशत तक सिकुड़ने वाले गेहूं की खरीद भारतीय खाद्य निगम की ओर से करने के अलावा शेष बची गेहूं की खरीद आॅफ लाइन करने की मांग को लेकर व्यापार संघ, व्यापार मण्डल, फूडग्रेन व्यापार मण्डल और खाद्य व्यापार संघ के पदाधिकारियों ने मंगलवार को मुख्यमंत्री के नाम जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा था।