जयपुर। नेशनल हाईवे आॅथोरिटी आॅफ इंडिया की तर्ज पर अब राजस्थान में स्टेट हाईवे पर भी टोल के लिए आपको कैश नहीं देने पड़ेंगे। स्टेट हाईवे बनाने वाली एजेंसी राजस्थान स्टेट रोड डवलपमेंट कॉरपोरेशन लि. और रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डवलेपमेंट कॉपोर्रेशन आॅफ राजस्थान ने भी फास्टैग के जरिए टोल वसूली की तैयारियां शुरू कर दी हैं। आरएसआरडीसी ने जयपुर के दो स्टेट हाईवे से इसकी शुरूआत पायलट प्रोजेक्ट के तहत करने का फैसला किया है। इसे जुलाई के अंत तक शुरू किया जाएगा। रिडकोर ने जुलाई अंत तक अपने सभी टोल बूथों पर फास्टैग सिस्टम शुरू करने की बात कही है।
साल के अंत तक पूरा हो जाएगा काम
राजस्थान में आरएसआरडीसी और रिडकोर के कुल 51 स्टेट हाईवे हैं, जिनके कुल 136 टोल बूथ हैं। आरएसआरडीसी के एमडी संदीप माथुर की मानें तो आरएसआरडीसी के बनाए स्टेट हाईवे पर फास्टैग का काम जुलाई से शुरू हो जाएगा। फिलहाल इसे जयपुर में जयपुर-भीलवाड़ा और जयपुर-जोबनेर हाईवे पर पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया जाएगा। राजस्थान में आरएसआरडीसी के 37 स्टेट हाईवे हैं, जिन पर 105 टोल बूथ हैं। इन सभी पर फास्टैग लगाने का काम इस साल के अंत तक पूरा हो जाएगा।
टोल लीकेज भी बचाया जा सकेगा
रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डवलेपमेंट कॉपोर्रेशन आॅफ राजस्थान (रिडकोर) ने भी अपने सभी स्टेट हाईवे पर जुलाई तक फास्टैग लगाने पर काम शुरू करवा दिया है। रिडकोर अधिकारियों ने बताया कि जुलाई अंत तक रिडकोर के 14 स्टेट हाईवे के 31 टोल बूथों पर इसे शुरू किया जाएगा। अधिकारियों की मानें तो इससे न केवल लोगों के समय की बचत होगी, बल्कि टोल लीकेज भी बचाया जा सकेगा।
नहीं बनवाना पड़ेगा दूसरा फास्टैग
इन हाईवे पर उसी फास्टैग से पैसा कटेगा, जो वर्तमान में लोगों की गाड़ियों पर लगे हैं। स्टेट हाईवे की इन एजेंसियों ने एनएचएआई से दो महीने पहले एक टाइअप किया था। इसमें फास्टैग लगाने और उनसे टोल टैक्स वसूली करने का समझौता हुआ था। टोल की दरें वही रहेंगी, जो अभी हैं।