मनरेगा श्रमिकों का जिला परिषद कार्यालय पर प्रदर्शन
by seemasandesh
टास्क के बाद कार्यस्थल छोड़ने की अनुमति देने की मांग हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)। टास्क पूरा करने के बाद कार्यस्थल छोड़ने की अनुमति देने, कार्यस्थल पर छाया के लिए टैंट, पेयजल, दवाइयों आदि की व्यवस्था करने तथा बकाया भुगतान करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर गांव जंडावाली के मनरेगा मजदूरों व मेटों ने सोमवार को जिला परिषद कार्यालय पर प्रदर्शन कर सीईओ का घेराव किया। सीईओ से हुई वार्ता में कुछ मांगों पर सहमति बनने के बाद मनरेगा श्रमिकों व मेटों ने घेराव समाप्त किया। इससे पहले अखिल भारतीय खेत मजदूर यूनियन के बैनर तले मनरेगा मजदूरों व मेटों ने जिला परिषद कार्यालय में प्रवेश कर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान यूनियन के रघुवीर सिंह वर्मा ने आरोप लगाया कि मनरेगा श्रमिकों की समस्याओं को लेकर राज्य सरकार व संबंधित विभाग गम्भीर नहीं है। टास्क पूरा होने के बावजूद मनरेगा श्रमिकों को भीषण गर्मी में दोपहर 2 बजे तक कार्यस्थल पर बैठाकर रखा जाता है। कार्यस्थल पर न तो छाया के लिए टैंट की व्यवस्था और न ही पेयजल व दवाइयों की। उन्होंने भयंकर गर्मी को ध्यान में रखते हुए मनरेगा का समय सुबह 7 बजे से 11 बजे तक करने, मनरेगा में कार्यरत श्रमिकों को साल में 200 दिन कार्य देने तथा प्रतिदिन की मजदूरी 600 रुपए देने, मेटों का वेतन बढ़ाने, बंद पड़े मनरेगा कार्य को सभी गांवों में शुरू करने, शहरी क्षेत्र में मनरेगा के आवेदन व कार्य शुरू कर रोजगार देने, मेटों का बकाया भुगतान शीघ्र देने, मेटों को राज्य कर्मचारी का दर्जा देने, कार्यस्थल पर मनरेगा श्रमिकों की हाजरी आॅफ लाइन लगाने, टास्क पूरा होने के बाद श्रमिकों को कार्यस्थल छोड़ने की अनुमति देने, मनरेगा कार्यस्थल पर छाया के लिए टैंंट, पेयजल, दवाइयों की किट की समुचित व्यवस्था करने की मांग की। मांग पूरी न होने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी। घेराव-प्रदर्शन के दौरान हुई वार्ता में जिला परिषद सीईओ अशोक असीजा ने आश्वस्त किया कि टास्क पूरा करने के बाद मनरेगा श्रमिक कार्यस्थल छोड़ सकेंगे। मेटों का बकाया भुगतान करवा दिया जाएगा। साथ ही कार्यस्थल पर टैंट, पेयजल व दवाइयों की किट की व्यवस्था करवाने के लिए आश्वस्त किया। इस पर श्रमिकों व मेटों ने घेराव समाप्त किया।