जयपुर
राजस्थान के भीलवाड़ा जिले में एक दुष्कर्म पीड़िता के वर्जिनिटी टेस्ट में फेल होने पर खाप पंचायत द्वारा शुद्धिकरम के नाम पर10 लाख रुपये जुर्माना लगाने का मामला सामने आया है। जिले के मांडल डीएसपी सुरेंद्र कुमार ने बताया कि पीड़िता की शादी बीते 11 मई को हुई थी। शादी के बाद उनके समाज की कुकड़ी प्रथा के तहत उसका वर्जिनिटी टेस्ट किया गया था। जिसमें वह खरी नहीं उतर पाई। विवाहिता से जब परिजनों ने पूछताछ की तो सामने आया कि शादी से पहले उसके पड़ोस में रहने वाले एक युवक ने उसका रेप किया था। इसका मामला सुभाष नगर थाने में दर्ज है। इस मामले की जांच मांडल के सीओ सुरेंद्र कुमार कर रहे हैं। इसका मामला भीलवाड़ा शहर के सुभाष नगर थाने में दर्ज है। अब पीड़िता ने बागोर पुलिस थाने में अपने पति और ससुर के खिलाफ 10 लाख रुपये के लिए प्रताड़ित करने का मामला दर्ज कराया है। विवाहिता के साथ शादी से पहले रेप हुआ था। कुकड़ी प्रथा और उसके साथ हुये दुर्व्यवहार की पुलिस को शिकायत की।
पंचायत ने लगाया जुर्माना
पुलिस के मुताबिक विवाहिता के वर्जिनिटी टेस्ट के बाद उसके साथ पूर्व में हुए रेप की बात सामने आ गई थी। इसके बाद बागोर के भादू माता मंदिर में समाज की पंचायत बैठी। इसकी शिकायत पुलिस को मिलने के बाद उसने विवाहिता के ससुराल पक्ष और समाज के पंचों को आगाह भी किया था, लेकिन इसके बावजूद भी 31 मई को फिर से पंचायत रखी गई। उसमें पीड़िता के पीहर पक्ष को 10 लाख रुपए जुर्माने के तौर पर देने का आदेश दिया गया। पीड़िता का आरोप है कि सब कुछ पता चलने के बाद भी ससुराल पक्ष की ओर से समाज की पंचायत बिठाई गई। पंचायत ने उसके पीहर पक्ष पर शुद्धिकरण अनुष्ठान के नाम पर 10 लाख रुपये जुर्माना लगा दिया गया। विवाहिता का आरोप है कि पिछले पांच माह से उसे जुर्माने के जुर्माना राशि के लिए प्रताड़ित किया जा रहा है। इस पर अब उसने पुलिस की शरण ली है।