महिलाओं की अपेक्षा पुरुषों में आत्महत्या के केस दो गुना अधिक
by seemasandesh
विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस पर कार्यशाला एवं रैली का आयोजन हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत शर्मा के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम की जिला इकाई की ओर से शनिवार को एएनएम ट्रेनिंग सेंटर में विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस पर कार्यशाला एवं रैली का आयोजन किया गया। कार्यशाला में जिला नोडल अधिकारी वरिष्ठ मानसिक रोग एवं नशा मुक्ति विशेषज्ञ डॉ. ओपी सोलंकी ने विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बताया कि इस बार डब्ल्यूएचओ ने कार्य करके उम्मीद जगाना (क्रिएटिंग होप थ्रू एक्शन) थीम दी है। उन्होंने बताया कि विश्व भर में हर 100 में से एक मृत्यु आत्महत्या के कारण होती है। लगभग पूरे विश्व में हर साल 703000 व्यक्तियों के आसपास जो मृत्यु है वह आत्महत्या के कारण होती है। पुरुषों में औरतों की अपेक्षा आत्महत्या 2 गुना अधिक होती है। आत्महत्या के मामलों में 50 प्रतिशत से ज्यादा के लगभग 50 वर्ष की कम उम्र में होते हैं। पूरी दुनिया के 77 प्रतिशत सुसाइड केस निम्न मध्यम आय वाले देशों में होते हैं। उन्होंने बताया कि अवसाद ग्रसित व्यक्तियों के मामले में आत्महत्या सामान्य व्यक्ति की तुलना में 20 गुना ज्यादा होती है। सीएमएचओ डॉ. नवनीत शर्मा ने आत्महत्या के कारणों की जानकारी देते हुए सभी को मानसिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए जागरूक किया। तंबाकू प्रकोष्ठ प्रभारी निपेन शर्मा ने आत्महत्या के कारणों एवं नशे से दूर रहने की बात कही। तंबाकू प्रकोष्ठ से त्रिलोकेश्वर शर्मा ने आत्महत्या के दुष्प्रभावों एवं इनसे बचने के लिए व्यायाम एवं नशे से दूर रहने के लिए सभी को अवगत कराया एवं जागरूक किया। कार्यशाला के अंत में सीएमएचओ डॉ. नवनीत शर्मा ने आत्महत्या मुक्त राजस्थान की शपथ दिलवाई। इसके बाद हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया। इस मौके पर ट्रेनिंग सेंटर प्रभारी, एएनएम एवं स्टाफ मौजूद रहा।