जयपुर
राजस्थान में गहलोत कैंप और पायलट कैंप के विधायकों के बीच जुबानी जंग जारी है। पायलट कैंप के हमले के बाद गहलोत कैंप के विधायकों ने पलटवार करन शुरू कर दिया है। सीएम गहलोत के बेहद करीबी माने जाने वाले स्वास्थ्य मंत्री परसादी लाल मीना ने सचिन पायलट का नाम लिए बिना उन्हें बाहरी बताया है। मंत्री परसादी लाल ने पायलट के निर्वाचन क्षेत्र टोंक में कहा कि राजस्थान में सरकार सीएम अशोक गहलोत के जादूगर से ही बची है। उन्होंने कहा कि विधायकों का विश्ववास सीएम गहलोत में है। कोई कुछ भी कहें लेकिन सरकार सीएम गहलोत की वजह से बची है। उल्लेखनीय है कि स्वास्थ्य मंत्री परसादी लाल गहलोत कैंप के माने जाते हैं। राजस्थान में चल रही बयानबाजी के बीच परसादी लाल मीना का यह बयान काफी अहम माना जा रहा है। खास बात यह है कि जब परसादी लाल पायलट को बाहरी उम्मीदवार बता रहे थे उस समय सीएम गहलोत मंच पर मौजूद थे। सीएम गहलोत के सामने सचिन पायलट जिंदाबाद के नारे भी लगे।
बाहरी उम्मीदवारों ने कोई काम नहीं किया
मंत्री परसादी लाल ने मंगलवार को टोंक जिले के निवाई में ब्लॉक स्तरीय राजीव गांधी ग्रामीण ओलंपिक खेल स्पर्द्धा को संबोधित करते हुए कहा- जो बाहर से विधायक बनने यहां आते हैं, हम उनकी आलोचना करते हैं। पहले भी लोग बाहर से यहां चुनाव लड़ने आए, लेकिन उन्होंने यहां धेले का काम नहीं किया। विधायक प्रशांत बैरवा यहां का बच्चा है। इंद्रा मीना बामनवास से और मैं लालसोट से, हम कहीं नहीं जाएंगे। मंत्री परसादी लाल का इशार सचिन पायलट की तरफ था। उल्लेखनीय है सचिन पायलट टोंक से विधायक है। दौसा, अजमेर के सांसद बनने के बाद पायलट ने टोंक जिले से 2018 में विधासनभा का चुनाव लड़ा था। पायलट ने बीजेपी उम्मीदवार यूनुस खान को करीब 50 हजार वोटों से हराया था। चिकित्सा मंत्री ने ईआरसीपी को लेकर गहलोत से कहा कि आप हमारे यहां अन्य विकास कार्य कम कर दीजिए। लेकिन ERCP के लिए इतना बजट दें कि प्रधानमंत्री मोदी का मुंह बंद हो जाए। पूर्वी राजस्थान के 13 जिलों की जनता आप से यहीं चाहती है।