श्रीगंगानगर (घड़साना)
किसान आंदोलन के लिए प्रदेश भर में प्रसिद्ध रहा घड़साना शुक्रवार शाम दहशत में डूब गया जब कुछ लोगों ने कस्बे के बस स्टैंड पर फल वाले पर कातिलाना हमला कर दिया। हमलावर हथियारों से लेस होकर आए और आते ही बस स्टैंड पर खड़े एक फल बेचने वाले किशनलाल पर टूट पड़े। किसी को कुछ समझ नहीं आया। लोग हल्ला मचाते रहे, लेकिन हमलावर न केवल फल वाले को पीटते रहे। आसपास के लोगों को भी बीच में आने से रोकते रहे। उन लोगों ने जमकर गाली गलौज की और एक के बाद एक लाठियों और गंडासियों से कई प्रहार बुजुर्ग फल वाले पर कर डाले।
उधार देने को लेकर हुआ विवाद
असल में किशनलाल को जिस बात के लिए बेहद बेरहमी से पीटा गया वह भी बहुत बड़ी नहीं थी। किशनलाल का बेटा कस्बे में ही रेडीमेड का काम करता है। आरोपी दो-तीन दिन पहले पीडि़त किशनलाल के बेटे विशाल की दुकान पर आया था। उस समय विशाल और उसका मामा का बेटा रामदेव दुकान पर था।
उधारी में मांगा लोअर
दुकान पर आए मुकद़्दर ने एक लोअर पसंद किया और रुपए देने के समय बोला की बाद में दे दूंगा। इस पर दुकान पर मौजूद विशाल और रामदेव ने उन्हें रोका। दोनों का कहना था कि आरोपी की पहले भी कुछ उधारी बाकी है, वह भी अब तक नहीं चुकाई गई है। इस पर आरोपी गुस्सा करते हुए बिना लोअर लिए निकल गया। इसके कुछ समय बाद वह विशाल के पिता किशनलाल के बस स्टैंड पर लगे ठेले पर पहुंचा और वहां मौजूद रामदेव से झगड़ा करना शुरू कर दिया। उसने रामदेव पर गंडासी से वार भी किया। मामला पुलिस में भी गया लेकिन राजीनामा हो गया।
चार दिन बाद आए और बेरहमी से पीटा
लोअर से उपजे विवाद के चार दिन बाद आरोपी कुछ युवकों को साथ लेकर बस स्टैंड पर आया और वहां अकेले खड़े किशनलाल पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। किशनलाल के शरीर पर कई जगह चोटों क निशान हैं तथा उसका एक हाथ और एक पैर टूट गया है। सिर में भी चोटें आई है। पुलिस ने इस मामले में तीन को राउंड अप किया है तथा अन्य पांच नामजद आरोपियों सहित कुछ अन्य युवकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।