श्रीगंगानगर. करीब एक साल के अंतराल से हुई नगर परिषद की बजट बैठक में हंगामे के बीच 183 करोड़ का बजट पारित कर दिया गया। बैठक में आयुक्त विश्वाास गोदारा के पिछले वर्ष के आय स्रोत और खर्चों के बारे में जानकारी देने के दौरान कई बार हंगामे हुए। सत्तापक्ष के पार्षदों ने भी अपने वार्ड के बिजली के खंभों पर लाइटें नहीं लगने सहित कई मुद्दे उठाए।उनका कहना था कि कई वार्डों में काम ही नहीं हो रहे हैं। नगर परिषद के आय के स्रोतों को लेकर भी पार्षदों ने खूब हंगामा किया। देर तक हंगामे के बीच आयुक्त विश्वास गोदारा आय और व्यय की जानकारी देते रहे। करीब दो घंटे तक थोड़ी-थोड़ी देर के अंतराल से पार्षद उलझते रहे। कई बार उन्होंने सभापति को संबोधित करते हुए बात रखी तो कई बार वे आपस में ही उलझ पड़े।

संबोधित करती सभापति करुणा चांडक।
जिसकी समस्या वो ही बोले
जब पार्षद ऋतु धवन ने बिजली की समस्या उठाई तो कुछ पार्षद बीच में बोल पड़े। उनके बीच में बोलते पार्षद धवन ने पलटवार किया। उनका कहना था कि हमारे वार्ड की समस्या में कोई बीच में नहीं बोले। जिसकी समस्या है समाधान उसी को मिले और बोलने का मौका भी सिर्फ उसे ही मिलना चाहिए।
बाजवा बोले वार्डों में हो फोगिंग
पार्षद अनूप बाजवा ने कहा कि वार्डों में फोगिंग की जानी चाहिए। उनका कहना था वर्तमान दौर मौसमी बीमारियों का है। इस समय मलेरिया पांव पसार रहा है। अगर फोगिंग नहीं हुई तो नुकसान होगा। वहीं पार्षद कमला बिश्नोई का कहना था कि पूरे आय व्यय के ब्यौरे में बिजली संकट से निजात का कोई मुद्दा नहीं रखा गया। ऐसे में लोगों की समस्याओं का समाधान कैसे होगा।

हंगामा करते पार्षद।
पट्टे बनाने के मुद्दे पर उलझे
पट्टे बनाने के मुद्दे पर पार्षद प्रियंक भाटी और बंटी वाल्मीकि उलझ गए। बात इतनी बढ़ी कि बाकी पार्षदों को बीच बचाव करना पड़ा। दोनों के बीच देर तक हंगामा होता रहा। दोनों पार्षद एक दूसरे की तरफ बढ़कर भिड़ने को तैयार हो गए लेकिन अंत में बाकी पार्षदों ने मामला शांत करवाया।
आंटी को करवाया शांत
एक मुद्दे पर जब पार्षद कमला बिश्नोई और जगदीश घोड़ेला में तनातनी हुई और मामला बढ़ता दिखा तो पार्षद बंटी वाल्मीकि ने मामला शांत करवाया। उन्होंने पार्षद कमला बिश्नोई को आंटी और मां कहकर पुकारा। उन्होंने कहा शांत हो जाओ मां।
अंत में नगर परिषद में प्रतिपक्ष की नेता बबीता गौड़ ने समस्याएं उठाई। इसके बाद पार्षद गुरमीतसिंह के एक कमेंट से अन्य पार्षद भड़क गए और हंगामें के बीच बैठक समाप्ति की घोषणा करते हुए बजट पारित मान लिया गया।